आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 4.4 डिग्री तापमान के साथ इस सीजन में शुक्रवार की रात लखनऊ की सबसे ठंडी रात रही। राहत की बात ये है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में 3-5 डिग्री की वृद्धि के आसार हैं। 20 जनवरी से कोहरे में भी कमी आने के आसार हैं।
लखनऊ में छाया कोहरा और ठिठुरते लोग।
मौसम में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में शनिवार सुबह घने कोहरे का असर रहा लेकिन धूप निकलने के साथ ही मौसम खुशगवार होता गया। शाम से एक बार फिर ठंड का असर बढ़ने लगा। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को सुबह घने कोहरे का अलर्ट है, साथ ही न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी के भी आसार हैं। दूसरे पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी यूपी में 22 जनवरी से बारिश की संभावना व्यक्त की जा रही है। 20 जनवरी से कोहरे के असर में कमी के आसार हैं। शनिवार को बाराबंकी सबसे ठंडा जिला रहा जहां न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया। दूसरे नंबर पर हरदोई में 3.6 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। राजधानी लखनऊ में सीजन का सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री रहा।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पिछले कुछ दिनों से रात के तापमान में हो रही गिरावट थमने के साथ ही इसमें आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके परिणामस्वरूप पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से रात में जारी शीतलहर समाप्त होती नजर आई। हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के हरदोई, बाराबंकी और बलिया में शुक्रवार रात शीतलहर की स्थिति रही। इसी क्रम में 4.4 डिग्री तापमान के साथ इस सीजन में शुक्रवार को लखनऊ की सबसे ठंडी रात रही। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के न्यूनतम तापमान में अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में 3-5 डिग्री की संभावित क्रमिक वृद्धि के आसार हैं।
घने कोहरे ने शनिवार को लखनऊ में हवाई और रेल यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया। दृश्यता शून्य होने के कारण यूएई, रियाद और मुंबई से आने वाली तीन महत्वपूर्ण उड़ानें दिल्ली डायवर्ट करनी पड़ीं, जबकि पांच उड़ानें रद्द कर दी गईं और लगभग 30 उड़ानें देरी से चलीं। इसी के साथ, तेजस और शताब्दी जैसी वीआईपी ट्रेनों सहित 45 ट्रेनें भी कोहरे की मार झेलती रहीं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
आसमान में लगाए आठ से ज्यादा चक्कर
शनिवार को कोहरे के कारण विमानन सेवाओं में भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ। रसअलखैमाह (यूएई) से आने वाली एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान आईएक्स-125, मुंबई से आने वाली एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान आईएक्स-1026, और रियाद से आने वाली फ्लाइनास की उड़ान एक्सवाई-333 को शून्य दृश्यता के कारण लखनऊ में उतरने की अनुमति नहीं मिली। इन विमानों ने एयरपोर्ट के ऊपर आसमान में आठ से ज्यादा चक्कर काटे, लेकिन अंततः उन्हें दिल्ली के लिए डायवर्ट कर दिया गया। चंडीगढ़, अहमदाबाद और दिल्ली से आने वाली इंडिगो की उड़ानें, साथ ही लखनऊ से दिल्ली और अहमदाबाद जाने वाली दो उड़ानें भी रद्द कर दी गईं। दुबई, झारसुगुड़ा और मुंबई से आने वाली कई अन्य उड़ानें भी घंटों की देरी से पहुंचीं।
घने कोहरे ने वीआईपी ट्रेनों के समय-सारणी को भी अस्त-व्यस्त कर दिया। नई दिल्ली से आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस तीन घंटे की देरी से पहुंची, जिसके कारण लखनऊ से इसका प्रस्थान भी दो घंटे विलंबित हुआ। लखनऊ से दिल्ली जाने वाली तेजस एक्सप्रेस पांच घंटे लेट रही। इसके अतिरिक्त, गोमती एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस, गोरखधाम एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, अवध आसाम एक्सप्रेस और गरीब रथ एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें भी तीन से सात घंते की देरी से चलीं, जिससे यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ी।