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यूपी: प्राथमिक स्कूलों का विलय, सरकार ने कहा- बच्चों के हित में फैसला; शुक्रवार को फिर से होगी सुनवाई

Thu, 03 Jul 2025 08:42 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Merger of primary schools: यूपी के प्राथमिक स्कूलों के विलय के मामले में लखनऊ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में सरकार ने अपना पक्ष रखा। इसकी सुनवाई शुक्रवार को भी होगी। 
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यूपी के प्राइमरी स्कूल। स्कूलों का विलय शुरू। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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प्रदेश के सरकारी प्राथमिक स्कूलों के विलय करने के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सुनवाई जारी है। इस मामले में विलय आदेश को  चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। कोर्ट ने याचिकाओं पर अगली सुनवाई 4 जुलाई को नियत की है। 

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पहली याचिका, सीतापुर के प्राथमिक व उच्च प्रथामिक स्कूलों में पढ़ने वाले 51 बच्चों ने दाखिल की है। जबकि, इसी मामले में एक अन्य याचिका भी दाखिल हुई है। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बीती 16 जून को जारी उस आदेश को चुनौती  देकर रद्द करने का आग्रह किया गया है, जिसके तहत प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की संख्या के आधार पर उच्च प्राथमिक या कंपोजिट स्कूलों में विलय करने का प्रावधान किया गया है।

 याचियों ने इसे मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाला कहा है। साथ ही मर्जर से छोटे बच्चों के स्कूल दूर हो जाने की परेशानियों का मुद्दा भी उठाया गया है। याचिकाओं में, प्राथमिक स्कूलों की चल रही मर्जर की कारवाई पर तत्काल रोक लगाने की भी गुजारिश की गई है। 
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उधर, राज्य सरकार की ओर से याचिकाओं के विरोध में प्रमुख दलील दी गई कि विलय की कारवाई, संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए बच्चों के हित में की जा रही है। सुनवाई के समय राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अनुज कुदेसिया, मुख्य स्थाई अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह के साथ पेश हुए। जबकि, याचियों की ओर से अधिवक्ता डा एल पी मिश्र और गौरव मेहरोत्रा ने दलीलें दीं। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिवक्ता भी पेश हुए। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को करने का आदेश दिया है।

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स्कूलों के विलय के विरोध में कांग्रेसियों का प्रदर्शन-मार्च

प्रदेश में 5000 विद्यालयों के विलय किए जाने के विरोध में बृहस्पतिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की अगुवाई में शहर कांग्रेसियों ने डीएम ऑफिस तक मार्च निकाला और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित त्योगी, शहजाद आलम और जिलाध्यक्ष रुद्रदमन सिंह प्रमुख रूप से उनके साथ रहे।

मार्च को लेकर कांग्रेस परिवर्तन चौक के पास जमा हुआ और फिर वहां से मार्च करते हुए डीएम ऑफिस गए। वहां पर धरना भी दिया। मार्च के दौरान कांग्रेसियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी भी की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार विद्यालयों को बंद कर बच्चों को शिक्षा से वंचित रखना चाहती है। सरकार ने अपना निर्णय नहीं बदला तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदेश की योगी सरकार लगातार जन विरोधी कार्य कर रही है। शिक्षा के साथ खिलवाड़ कर सरकार छोटे-छोटे बच्चों के भविष्य को अंधकार में डाल रही है। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता शिव पांडे, अनिल यादव, मोहम्मद हनीफ, संजीव पांडे, प्रमोद सिंह, उमाशंकर पांडेय, ममता चौधरी सुशीला शर्मा, शन्नो खान अकील अहमद, देवानंद तिवारी, विमलेश वर्मा, इंदु गौतम, राजेंद्र धानुक, चंचलेश मिश्रा, अतुल शर्मा आदि बड़ी संख्या में कांग्रेसी शमिल रहे।
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