अवैध बूचड़खानों के खिलाफ योगी सरकार की कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश के मीट कारोबारी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हालांकि ये हड़ताल अघोषित तौर पर दो दिन पहले से ही चल रही है लेकिन सोमवार से इसे राज्य भर में लागू किया जा रहा है। प्रशासन की कार्रवाई के चलते ज्यादातर मीट की दुकानों के बंद होने की स्थिति में आ जाने से अब मांस व्यापारियों के संगठन ने राज्य भर में हड़ताल करके सरकार के इस फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है।
वहीं यूपी सरकार में मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि सभी बूचड़खाने बंद करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया, सिर्फ अवैध दुकानें बंद हो रही हैं। उन्होंने कहा कि चिकन और अंडा बेचने वाले कारोबारियों को डरने की जरुरत नहीं है।
Action being taken against illegal slaughterhouses only, legal slaughterhouses should continue to follow regulations: SN Singh, UP Minister pic.twitter.com/iMeT7f8ziL
— ANI UP (@ANINewsUP) March 27, 2017
बता दें कि राज्य में सड़क के किनारे दुकान खोलकर मीट नहीं बेचे जा सकेंगे। उत्तर प्रदेश में स्लॉटर हाउस और अवैध बूचड़खाने पर पाबंदी के बाद अब छोटे दुकानदारों पर भी कार्रवाई शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ पुलिस भी सक्रिय होकर मीट के कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने भी निर्देश दिया है कि सड़कों के किनारे खुले में मटन या चिकन की बिक्री न हो। उन्होंने कहा है कि जिनके पास इस कारोबार का लाइसेंस है वे भी खुले में दुकान लगाने से परहेज करें। कारोबारियों से कहा गया है कि वह दुकानों के बाहर मीट रखने के बजाए अंदर की ओर उसे ढंक कर रखें।
लाइसेंसधारियों पर भी हो रही है कार्रवाई
कैसरबाग में कसाई मंडी में बकरे के गोश्त का कारोबार करने वाले फुरकान ने बताया कि हम लोगों के पास नगर निगम का लाइसेंस है। बावजूद इसके यहां पुलिस परेशान कर रही है। उन्होंने कि यह उनका खानदानी कारोबार है, जिससे उनके परिवार की रोजी रोटी चलती है लेकिन इससे रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस मंडी में नगर निगम के अधिकारी भी आते थे और दुकानदारों से पैसे लेकर पर्ची काटते थे लेकिन अब इसे अवैध बताया जा रहा है। पुलिसिया कार्रवाई को लेकर मीट कारोबारी हड़ताल पर हैं। मटन के साथ-साथ चिकन और मछली का कारोबार भी ठप है।