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यूपी : कोविड के नए वैरिएंट को लेकर सचेत हुए चिकित्सा विशेषज्ञ, प्रदेश की सभी लैब रहेंगी क्रियाशील, टीकाकरण का मिलेगा फायदा 

Sun, 03 Apr 2022 08:25 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

जेनेवा सहित कई जगह कोविड के बीए 1 और बीए2 का मिलाजुला रूप एक्सई पाया गया है। यह ओमिक्रान की तरह ही माना जा रहा है। इसमें भी बुखार, सिर दर्द, शरीर दर्द आदि लक्षण होते हैं।
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ओमिक्रॉन वैरिएंट - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट हो रही है, लेकिन विदेशों में मिल रहे नए वैरिएंट को लेकर चिकित्सा विशेषज्ञों सचेत हैं। प्रदेश के सभी बीएसएल2 लैब को क्रियाशील रखने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने भी सभी सीएमओ को अपडेट रहने का निर्देश दिया है।

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जेनेवा सहित कई जगह कोविड के बीए 1 और बीए2 का मिलाजुला रूप एक्सई पाया गया है। यह ओमिक्रान की तरह ही माना जा रहा है। इसमें भी बुखार, सिर दर्द, शरीर दर्द आदि लक्षण होते हैं। भारत में इसके मरीज नहीं मिले हैं। लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञ इसकी अलग- अलग स्थितियों को खंगालने में जुट गए हैं। 

केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक एवं संक्रामक यूनिट प्रभारी डा. डी हिमांशु ने कहा कि विभिन्न देशों में मिलने वाले वैरिएंट को लेकर चिकित्सकों के बीच वर्चअल प्लेटफार्म पर लगातार मंथन चल रहा है। डब्ल्यूएचओ, आईसीएमआर सहित देशभर के चिकित्सा विशेषज्ञ विभिन्न शोध पत्रों में मिल रही जानकारी से अपडेट करा रहे हैं। संक्रामक रोग नियंत्रण यूनिट की एक टीम नए वैरिएंट से पैटर्न मे आए बदलाव के बारे में भी अध्ययन कर रही है। जहां तक उत्तर प्रदेश का सवाल है तो यहां बड़ी संख्या में टीकाकरण हो चुका है। ऐसे में यहां की आबादी पर नए वैरिएंट का प्रभाव ज्यादा होने की उम्मीद नहीं है। फिर भी मास्क का प्रयोग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहने की जरूरत है। 
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स्वास्थ्य महानिदेशक डा. वेदब्रत सिंह ने बताया कि विदेश में मिलने वाले वैरिएंट को देखते हुए प्रदेश के सभी बीएसएल 2 लैब को संचालित रखने का फैसला लिया गया है। इन लैब में कार्यरत कर्मचारियों का तीन माह का कार्यकाल बढाया गया है। इसी तरह सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को सचेत किया गया है कि किसी इलाके में मरीजों की संख्या बढ़े तो वहां घर-घर सैंपलिंग कराई जाए।

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