अशोक सिद्धार्थ के पास अभी मौका
ऐसे में पार्टी मूवमेंट के हित के साथ खुद उनके परिवार एवं दामाद आकाश आनंद के भविष्य को ध्यान में रखकर अशोक सिद्धार्थ के पास अभी मौका है कि अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को त्यागकर राजनीति से संन्यास ले लें। उन्होंने आगे कहा कि शीर्ष नेतृत्व भूले-भटके लोगों के व्यवहार को ध्यान में रखकर शामिल कर रहा है। जो इसकी राह में रुकावट बन रहे हैं, उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जा रही है। इसका उदाहरण पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ हैं।
तीन राज्य सबसे अहम
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि यूपी, उत्तराखंड व पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक है। ये तीनों राज्य बसपा व बहुजन मूवमेंट के लिए विशेष हैं। इसे ध्यान में रखकर ही बसपा के सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ता, पदाधिकारी, समर्थक एवं शुभचिंतक सत्ता प्राप्ति की मुहिम में डटे हैं।
विरोधी पार्टियों तथा जातिवादी तत्वों आदि से बहुजन समाज और बसपा को आरक्षण आदि को लेकर उत्पन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। दलित समाज के लोगों को निजी या पारिवारिक स्वार्थ में ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए जो इसमें बाधा बने और इतिहास उन्हें माफ नहीं कर पाये।