बसपा प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ फॉर्मूले को लेकर सपा पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि बसपा ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति पर चलने वाली सर्वसमाज हितैषी अंबेडकरवादी पार्टी है और उत्तर प्रदेश में चार बार इसी आधार पर सरकार चला चुकी है।
1.जैसाकि सर्वविदित है कि बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति व सिद्धान्त पर अमल करने वाली सर्वसमाज-हितैषी अम्बेडकरवादी पार्टी है और यूपी में चार बार रही सरकार भी इसी के आधार पर चलायी है, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) अपनी संकीर्ण जातिवादी राजनीति व…
— Mayawati (@Mayawati) August 8, 2026
1. जैसाकि सर्वविदित है कि बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की नीति व सिद्धान्त पर अमल करने वाली सर्वसमाज हितैषी अम्बेडकरवादी पार्टी है और यूपी में चार बार रही सरकार भी इसी के आधार पर चलायी है, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) अपनी संकीर्ण जातिवादी राजनीति व चुनावी स्वार्थ आदि की ख़ातिर जग ज़ाहिर तौर पर गिरगिट की तरह ही रंग बदलती रहती है।
2. इसी क्रम में सपा द्वारा प्रचारित इनका कथित 'पीडीए' अर्थात् (पिछड़ा, दलित, अक्लियत) में पहले 'पी' से 'पिछड़े' प्रचारित करने के बाद अब, अपरकास्ट समाज में ख़ासकर ब्राह्मण समाज को बी.एस.पी. से तेज़ी से जुड़ता हुआ देख व उसी के आधार पर ही पार्टी उम्मीदवार भी बनाये जाने से विचलित होकर, सपा ने अब 'पी' से 'पण्डित' कर दिया है, जो इनके राजनीतिक छल व छलावे का एक और जीता-जागता प्रमाण नहीं तो और क्या है?
3. ऐसे राजनीतिक छल व छलावे कि राजनीति से किसी व्यक्ति विशेष का कुछ समय के लिए वक़्ती तौर पर थोड़ा भला तो हो सकता है, किन्तु इससे उस सम्पूर्ण समाज का भला कभी नहीं हो सकता है। इसलिए सर्वसमाज के लोगों को ऐसी छलावापूर्ण समाजवादी पार्टी (सपा) व उसकी ऐसी संकीर्ण जातिवादी राजनीति से ज़रूर सावधान रहना चाहिये, यह समय की मांग व सर्वसमाज के हित में भी है।