आर्थिक अपराध जांच एजेंसी ने करोड़ों रुपये की निवेश ठगी के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को कम समय में धन दोगुना-तिगुना करने का लालच देकर निवेश कराता था। बड़ी रकम जुटाने के बाद कंपनी की शाखाएं बंद कर दी गईं। मामले में अन्य आरोपियों और धन के उपयोग की जांच जारी है।
14 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) फरार चल रहे एक कंपनी के निदेशक और ठगी के मास्टरमाइंड रोहित कुमार उपाध्याय को पश्चिम बंगाल के खड़गपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की तलाश यूपी पुलिस के साथ-साथ बिहार पुलिस भी कर रही थी।
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ईओडब्ल्यू अधिकारियों के मुताबिक थाना आलमबाग में वर्ष 2017 में दर्ज केस की विवेचना के दौरान रोहित कुमार उपाध्याय की भूमिका सामने आई थी। इसके बाद से उसकी गिरफ्तारी के प्रयास लगातार किए जा रहे थे।
जांच में पता चला कि आरओसी दिल्ली और हरियाणा व आरओसी कानपुर में पंजीकृत एम/एस पियर्स एलाइड कॉरपोरेशन लिमिटेड और एम/एस डीपियर्स एलाइड कॉरपोरेशन लिमिटेड के मुख्य कर्ताधर्ताओं, निदेशकों-कर्मचारियों ने भारतीय रिजर्व बैंक से एनबीएफसी के रूप में पंजीकरण प्राप्त किए बिना निवेश योजनाएं संचालित की थीं।
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आरोप है कि कंपनी ने आरडी (आईबीपी) और एफडी (एसआईपी) जैसी योजनाओं के जरिए लोगों को कम समय में धन दोगुना और तिगुना करने का लालच दिया। निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए उन्हें कथित तौर पर कूटरचित बॉन्ड और रसीदें जारी की गईं।
बड़ी संख्या में लोगों से धन जुटाने के बाद कंपनी की लखनऊ, बिजनौर समेत अन्य शाखाएं बंद कर दी गईं। इसके बाद आरोपी निवेशकों की करीब 14 करोड़ रुपये की रकम लेकर फरार हो गए।
ईओडब्ल्यू अब आरोपी से पूछताछ कर ठगी के नेटवर्क, फरार अन्य आरोपियों और निवेशकों की रकम के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की भी संभावना जताई जा रही है।