प्रदेश में मानसूनी बारिश के लिए माहौल बनना शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को आसमान में बादल छाए रहे जिसकी वजह से उमस बढ़ गई। कई जिलों में लू का असर भी देखने को मिला तो कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, 27 जून के बाद से पूरे प्रदेश में बारिश के आसार हैं। 43 डिग्री तापमान के साथ देश में प्रयागराज सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आगामी 3-4 दिनों के दौरान पश्चिम मानसून के उत्तर प्रदेश में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। 28 जून से प्रादेशिक वर्षा में प्रभावी वृद्धि की संभावना है। फिलहाल पूर्वी उत्तर प्रदेश में उष्ण लहर (लू) का दौर जारी है।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में प्रभावी मौसमी गतिविधियों की अनुपस्थिति में तापमान में मामूली वृद्धि के साथ 27 जून तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर लू की स्थितियां जारी रहने की संभावना है।
इसके बाद 28 जून से प्रदेश में वर्षा का एक नया दौर शुरू हो सकता है। इसमें उत्तरोत्तर वृद्धि की संभावना के दृष्टिगत दक्षिण पश्चिम मानसून के आगामी 2-3 दिनों के दौरान प्रदेश तक पहुंचने और उसके बाद के 2-3 दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।
प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बृहस्पतिवार को लू का असर देखने को मिला। साथ ही आसमान पर छाए बादलों की वजह से बढ़ी उमस ने परेशानी भी बढ़ाई। तापमान के मामले में 43 डिग्री तापमान के साथ प्रयागराज पहले स्थान पर, 42.9 डिग्री के साथ सुल्तानपुर दूसरे पर रहा। आगरा में 42.6, लखीमपुर खीरी में 42.4, बलिया व फतेहपुर में 42.3, वाराणसी में 42.2, गाजीपुर, फतेहगढ़ व बस्ती में 42 डिग्री तापमान रहा। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री दर्ज किया गया।
देश में सबसे गर्म रहे प्रदेश के सात जिले
अधिकतम तापमान के मामले में पहले नंबर से लेकर सातवें नंबर पर उत्तर प्रदेश के सात जिले रहे। आठवें नंबर पर 42.2 डिग्री तापमान के साथ मध्यप्रदेश का ग्वालियर, नौवेें नंबर पर 42.1 डिग्री तापमान के साथ हरियाणा का रोहतक और दसवें नंबर पर 42 डिग्री तापमान के साथ उत्तर प्रदेश का ही बहराइच जिला रहा।