वाणिज्य कर विभाग ने जीएसटी चोरी रोकने और राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा करने के लिए नई पहल शुरू की है। इसके तहत बड़े व्यापारियों द्वारा दाखिल किए जाने वाले रिटर्न का प्रभावी अनुश्रवण करने के लिए उनका मास्टर डाटा बैंक तैयार किया जाएगा। इसमें पांच करोड़ से ज्यादा सलाना टर्नओवर वाले व्यापारियों को रखा जाएगा। इस डाटा के आधार पर बड़े व्यापारियों द्वारा दाखिल रिटर्न की स्क्रूटनी, निगरानी, टैक्स ऑडिट और जांच करने में आसानी होगी।
वाणिज्य कर आयुक्त मिनिस्ती एस ने इस संबंध में सभी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1, कार्यपालक व कॉर्पोरेट सर्किल के ज्वाइंट कमिश्नर, डिप्टी व असिस्टेंट कमिश्नर और वाणिज्य कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किया है। इसमें सभी को अपने कार्यक्षेत्र के बड़े करदाताओं को चिह्नित करते हुए उनका तत्काल मास्टर डाटा बैंक बनाने का निर्देश दिया गया है। विभाग का मानना है कि जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक बड़े करदाताओं का कोई मास्टर डेटा बैंक नहीं बन पाया है। इसलिए बड़े मामलों में होने वाली कर चोरी की प्रभावी निगरानी नहीं हो पा रही है।