बच्चों की फीस जमा करने जा रहे थे देवेंद्र
बरौली निवासी देवेंद्र कुमार (45) ठेकेदारी का काम करते थे। उनके तीन बच्चे वृंदावन सेक्टर-9 स्थित एनकेएम स्कूल में पढ़ते हैं। परिजनों के मुताबिक, 14 अक्टूबर को दोपहर करीब एक बजे देवेंद्र मोटरसाइकिल से बच्चों की स्कूल फीस जमा करने जा रहे थे। इसी दौरान वृंदावन सेक्टर-12 चौराहे के पास सामने से आ रही स्कूल बस ने उनकी मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। हादसे में देवेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
ट्रामा सेंटर में चल रहा था इलाज
हादसे के बाद देवेंद्र को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान 24 अक्टूबर की रात उनका निधन हो गया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
एक करोड़ मुआवजे और बच्चों के लिए नौकरी की मांग
देवेंद्र की पत्नी क्रांति ने स्कूल प्रबंधन से एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और अपने तीनों बच्चों के लिए नौकरी की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार के भविष्य को देखते हुए मांगों पर निर्णय लिया जाना चाहिए। इंस्पेक्टर सुनील सिंह ने बताया कि परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में बातचीत का क्रम जारी है।
पत्नी ने लगाए आरोप
स्कूल बस की टक्कर से जान गंवाने वाले देवेंद्र कुमार की पत्नी क्रांति सिंह ने बस की वैधता को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि जिस स्कूल बस से उनके पति का एक्सीडेंट हुआ, उसका इंश्योरेंस नहीं था। साथ ही बस की फिटनेस और रजिस्ट्रेशन की वैधता भी समाप्त हो चुकी थी।
क्रांति सिंह ने आरोप लगाया कि वैध दस्तावेज नहीं होने के बावजूद स्कूल प्रबंधन की ओर से बस का इस्तेमाल बच्चों को लाने-ले जाने के लिए किया जा रहा था। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की।इंस्पेक्टर ने क्रांति सिंह की तहरीर लेकर मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन देवेंद्र कुमार के अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए। बस के इंश्योरेंस, फिटनेस और रजिस्ट्रेशन को लेकर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।