हज 2027 के चयनित यात्रियों के लिए मेडिकल जांच को लेकर नए निर्देश जारी हुए हैं। बीमारी जानबूझकर छिपाने और जांच में अनफिट पाए जाने पर यात्रा रद्द हो सकती है और जमा धनराशि जब्त की जा सकती है। फिटनेस जांच दो चरणों में होगी। जरूरी प्रमाणपत्र और दस्तावेज 15 सितंबर तक जमा करने होंगे।
हज-2027 की तैयारी कर रहे चयनित यात्रियों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति ने मेडिकल जांच को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जांच के दौरान बीमारी छुपाना यात्रियों पर भारी पड़ सकता है। जानबूझकर बीमारी की जानकारी छिपाने और जांच में अनफिट पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई के साथ जमा धनराशि भी जब्त की जा सकती है।
विज्ञापन
राज्य हज कमेटी के सचिव मोहम्मद तारिक ने बताया कि हज कमेटी ऑफ इंडिया के सर्कुलर-10 के अनुसार चयनित यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस जांच दो चरणों में होगी। पहला चरण चयन के बाद और दूसरा चरण उड़ान से पहले कराया जाएगा। पहले चरण में चयनित यात्रियों को सरकारी चिकित्सा केंद्र पर जांच कराकर एलोपैथिक चिकित्सक से निर्धारित प्रारूप में फिटनेस प्रमाणपत्र लेना होगा।
मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, जांच रिपोर्ट, अग्रिम जमा धनराशि की रसीद और अन्य जरूरी दस्तावेज हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर 15 सितंबर 2026 तक अपलोड करने होंगे। यात्रियों को जांच रिपोर्ट और प्रमाणपत्र सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है, ताकि उड़ान से पहले होने वाली दूसरी जांच में इन्हें प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने बताया कि जांच में अनफिट पाए जाने पर हज यात्रा निरस्त होगी और नियमानुसार धनराशि वापस की जाएगी। वहीं, बीमारी जानबूझकर छिपाने की स्थिति में जमा धनराशि जब्त भी की जा सकती है।