आरोपियों ने अपने बयान में राम मंदिर चढ़ावा धनराशि व आभूषण को छिपाकर रखने की बात कही है। धनराशि व आभूषण की बरामदगी के लिए लवकुश, अनुकल्प मिश्रा व करुणेश को सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड देने की मांग की गई।
वहीं, आरोपियों की ओर से पैरवी करने के लिए नियुक्त किए गए लीगल एड डिफेंस कौंसिल डिप्टी चीफ ने पुलिस कस्टडी रिमांड का विरोध किया। तर्क दिया कि कस्टडी में लेने के बाद पुलिस आरोपी को प्रताड़ित करती है। जिस बरामदगी की बात प्रार्थना पत्र में कही गई है, उसे आरोपी को रिमांड में लिए बिना भी बरामद किया जा सकता है।
न्यायालय ने तलब की अविनाश की मेडिकल रिपोर्ट
न्यायाधीश ने रिमांड के दौरान आरोपी को प्रताड़ित करने की बात का संज्ञान लेते हुए पुलिस की पूर्व में रिमांड पर लिए गए आरोपी अविनाश शुक्ला की मेडिकल रिपोर्ट तलब की। तब विवेचक ने रिमांड में लेने से पहले व रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अविनाश के मेडिकल रिपोर्ट को अदालत में दाखिल किया।