लोग बोले- हादसा अधिकारियों की लापरवाही से हुआ
बच्चे को इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे इलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया। बच्चे के ननिहाल पक्ष के लोगों ने कहा कि ये घटना अधिकारियों की लापरवाही से हुई। नाराज परिजन सेंटर के गेट पर ही शव रखकर धरना देने बैठ गए। बच्चे की मां ललिता देवी का रो-रो कर बुरा हाल है।
इस मौके पर बचपन डे केयर संस्था के अधिकारियो ने बात करने से मना कर दिया है। वहीं, मौके पर पहुंची महानगर पुलिस ने घटना की स्थिति का ज्याजा लेते हुए बच्चे का शव कब्जे में लेने का प्रयास किया तो परिजन नाराज हो गए।
गेट पर धरना जारी है। बचपन डे केयर सेंटर में काम कर रहे कर्मचारियों का कहना कि अभी हाल ही में भवन का रंग रोगन हुआ था और गेट की पुताई भी हुई थी, वहीं सूत्रों ने बताया कि यहां नया गेट लगा था। लेकिन, पुराने गेट पर ही पेट चढ़ा दिया गया और नए गेट का बजट पास कर लिया गया। यदि नया गेट लगता तो शायद यह बच्चा हादसे का शिकार नहीं होता।