दो फरवरी 2014 को आयोजित परीक्षा के बाद हुई इस भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगे थे। ईओडब्ल्यू डीजी जेएन सिंह ने बताया कि मामले की विवेचना में योगेश कुमार की भूमिका के सुबूत मिले। इसी आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गई है।
पशुधन प्रसार अधिकारी भर्ती घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने तत्कालीन प्रमुख सचिव योगेश कुमार को गिरफ्तार किया है। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी योगेश कुमार को ईओडब्ल्यू की टीम ने लखनऊ के गोमती नगर से गिरफ्तार किया।
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वर्ष 2014 में समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान प्रदेश के 17 मंडलों में पशुधन प्रसार अधिकारियों के 1198 पदों पर भर्ती की गई थी। दो फरवरी 2014 को आयोजित परीक्षा के बाद हुई इस भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगे थे। मामले की जांच में भर्ती नियमों को दरकिनार कर ओएमआर शीट का मूल्यांकन केंद्रीकृत तरीके से कराने और मंडलीय चयन समितियों के अधिकार समाप्त करने जैसे तथ्य सामने आए थे।
भर्ती के समय राजकिशोर सिंह प्रदेश के पशुधन मंत्री थे। तत्कालीन प्रमुख सचिव योगेश कुमार भर्ती प्रक्रिया के दौरान शासन में प्रमुख पद पर तैनात थे। भर्ती के बाद वह सेवानिवृत्त हो गए थे। ईओडब्ल्यू डीजी जेएन सिंह ने बताया कि मामले की विवेचना में योगेश कुमार की भूमिका के सुबूत मिले। इसी आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गई है। योगेश कुमार 1980 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।
इस मामले में तत्कालीन पशुधन मंत्री राजकिशोर सिंह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति की फाइल अभी शासन में लंबित है।