बहुजन समाज पार्टी की तीसरे चरण में राह आसान नहीं दिख रही है। बरेली सीट पर पर्चा खारिज होने से पहले ही बसपा मैदान से बाहर हो गई है। अन्य नौ सीटों पर काडर वोट बैंक कम होने से चुनौती बढ़ेगी।
लोकसभा चुनाव में पश्चिम यूपी के शुरुआती दो चरणों की सीटों पर अपना प्रभाव और दमखम दिखाने वाली बहुजन समाज पार्टी के लिए तीसरा चरण आसान नजर नहीं आ रहा है। तीसरे चरण की सीटों पर बसपा अधिकतर पर मुस्लिम और ओबीसी वोटों के सहारे है।
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इसी के मुताबिक उसने प्रत्याशी भी मैदान में उतारे हैं। पर, यादवलैंड होने और काडर वोट बैंक की कमी हाथी की राह में रोड़े अटकाने का काम कर रही है। वहीं, बरेली में प्रत्याशी का पर्चा निरस्त होने से बसपा मुकाबले से बाहर हो चुकी है।
बता दें कि वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने संभल और फतेहपुर सीकरी सीट जीती थी। तीसरे चरण में संभल, हाथरस, आगरा, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, बदायूं, आंवला और बरेली में चुनाव होना है। हालांकि बसपा केवल नौ सीटों पर ही चुनाव लड़ेगी।
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इनमें से आधी सीटों पर यादव वोटबैंक हमेशा हावी रहा है। संभल और बदायूं में मुस्लिम वोट बैंक निर्णायक भूमिका निभाता है, तो बरेली और आंवला में ओबीसी वोटबैंक का दबदबा रहता है। आगरा और फतेहपुर सीकरी सीट पर दलित वोटरों की संख्या अधिक होने से बसपा के लिए थोड़ी मुफीद है।
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वहीं, फिरोजाबाद और मैनपुरी वीवीआईपी सीट होने की वजह से जीत आसान नहीं है। हालांकि बसपा ने इस बार इन सीटों पर अपने प्रत्याशियों के चयन में खास सावधानी बरती है। संभल, आंवला, एटा, फिरोजाबाद और बदायूं में उसने मुस्लिम प्रत्याशी उतारकर सपा- कांग्रेस गठबंधन को चुनौती दी है।
वहीं, आगरा में जुझारू दलित नेता पूजा अमरोही को टिकट दिया है, जिनक परिवार कांग्रेस से जुड़ा रहा है। फतेहपुर सीकरी में ब्राह्मण प्रत्याशी को टिकट देकर मुकाबला रोचक बना दिया है। मैनपुरी में बसपा ने यादव प्रत्याशी को मैदान में उतारा है, जो सपा प्रत्याशी डिंपल यादव के लिए मुश्किल का सबब बन सकता है।
बरेली में भाजपा को मिल सकता है फायदा
बसपा ने बरेली में छोटेलाल गंगवार को टिकट दिया था, जिनका नामांकन खारिज हो चुका है। इस सीट पर भाजपा ने छत्रपाल गंगवार को टिकट दिया है, जबकि सपा से पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन मैदान में हैं। बरेली में गंगवार वोट बैंक का खास प्रभाव है और छोटेलाल गंगवार की दावेदारी से छत्रपाल की मुश्किलें बढ़ रही थीं। इस सीट पर भाजपा और सपा सीधे मुकाबले में हैं।
नहीं मिली थी कोई सीट
पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा को तीसरे चरण की सीटों में से किसी पर भी जीत हासिल नहीं हुई थी। पश्चिमी यूपी की नगीना, अमरोहा, बिजनौर, सहारनपुर सीट पर ही बसपा ने जीत हासिल की थी। लेकिन इसके बाद उसकी जीत का सिलसिला थमता गया। अंबेडकरनगर और श्रावस्ती के बाद उसे अंतिम चरण की घोसी, लालगंज और गाजीपुर सीट पर जीत मिली थी।