कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल
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सपा की बागी विधायक पल्लवी पटेल की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाए जाने के बाद आशीष पटेल ने भी रविवार रात में सोशल मीडिया के जरिये निशाना साधा। आशीष ने पल्लवी का नाम लिए बगैर लिखा कि प्रायोजित धरना मास्टर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मेरे खिलाफ प्रायोजित षड्यंत्रों की पूरी पोल पट्टी खुल गई है। वह कुछ लोगों के इशारे पर मेरे खिलाफ बोल रही हैं। धीरे-धीरे सभी षड्यंत्रकारी एक मंच पर आना शुरू हो गए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद मेरा पूर्व ओएसडी राज बहादुर लोकसभा चुनाव के पहले से ही राजग प्रत्याशी अनुप्रिया पटेल को हराने के लिए प्रयत्नशील साजिशकर्ताओं के संपर्क में था। पर्दे के पीछे का खेल बहुत हो गया, मुझे मर्यादा लांघने पर मजबूर न करें। मैंने मर्यादा लांघी तो बात बहुत दूर तक जाएगी।
पदोन्नति रद्द नहीं हुई तो अदालत की शरण लेंगेः राजबहादुर
इस मौके पर राजबहादुर ने भी पत्रकारों के सामने पदोन्नति में नियमों की अनदेखी किए जाने का बिंदुवार जानकारी दी। कहा कि ओएसडी रहते हुए मंत्री को मौखिक और लिखित रूप से इस वित्तीय अनियमितता के बारे में बताई थी। बोले, जब मैने इस संदर्भ में लिखा-पढ़ी की तो मुझे प्रताड़ित किए जाने लगा। अंततः मैं ओएसडी के पद से इस्तीफा दे दिया। प्रविधिकी की विभाग के अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री के नाजायज दबाव में पदोन्नति की नियम विरुद्ध प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार तत्काल पूरी प्रक्रिया को रद्द करके उक्त पदों पर सीधी भर्ती नहीं करती है तो हम न्यायालय का शरण लेंगे।