अनुमान है कि कुल बजट का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर, 15 प्रतिशत शिक्षा, 12 प्रतिशत कृषि, 8 प्रतिशत स्वास्थ्य और 5 प्रतिशत सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर खर्च किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य विकास के साथ-साथ वित्तीय संतुलन बनाए रखना भी है।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बीते दिनों विधानमंडल के वर्ष 2026 के प्रथम सत्र के सुचारु एवं सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के साथ तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सत्र के दौरान किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों के बारे में भी जाना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सत्र के दौरान किसी भी स्तर पर सुरक्षा में चूक न हो तथा समन्वय के साथ सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं।
विधानसभा अध्यक्ष ने क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) की तैनाती, एंटी एक्सप्लोसिव एवं एंटी सबोटाज जांच व्यवस्था, सभी प्रवेश द्वारों की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा विधायकों के साथ आने वाले सुरक्षा कर्मियों के बैठने की समुचित व्यवस्था के बारे में जाना और आवश्यक निर्देश दिए। इसके अलावा विधान भवन परिसर में सदस्यों के निर्बाध एवं सुरक्षित आवागमन, सुरक्षा जांच की प्रभावी व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक गरिमा एवं संसदीय परंपराओं की रक्षा के लिए सुरक्षा एवं सुविधा संतुलन अत्यंत आवश्यक है। इस मौके पर प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप कुमार दुबे, पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।