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यूपी: बसपा के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह पर 400 करोड़ रुपये की बकायेदारी, परिवार से जल्द होगी वसूली

Wed, 07 Oct 2026 11:04 AM IST
रोहित मिश्र अशोक मिश्रा, अमर उजाला लखनऊ

सार

BSP MLA Umashankar Singh: बहुजन समाज पार्टी के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह की कंपनियों से आयकर विभाग 400 करोड़ रुपये से अधिक टैक्स वसूलेगा। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में खनन विभाग के कई अधिकारियों की भूमिका का भी जिक्र किया गया है।
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बसपा के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 बहुजन समाज पार्टी के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह की कंपनियों से आयकर विभाग 400 करोड़ रुपये से अधिक टैक्स वसूलेगा। उनके ठिकानों पर मारे गए छापों में मिले सुबूतों और टैक्स चोरी के प्रमाणों का विश्लेषण करने के बाद विभाग की इंवेस्टीगेशन विंग ने रिपोर्ट तैयार की है जिसे अंतिम निर्धारण के लिए नई दिल्ली स्थित आयकर मुख्यालय भेजा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक आरोपी कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन करने से राज्य सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि हुई थी। वहीं आयकर विभाग को भी टैक्स नहीं मिला था।

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बता दें कि बलिया की रसड़ा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह का बीती 6 अगस्त को निधन हो गया था। इससे पहले फरवरी माह में आयकर विभाग की इंवेस्टीगेशन विंग ने उनके लखनऊ, बलिया, सोनभद्र, मिर्जापुर, प्रयागराज, कौशांबी और प्रयागराज के 30 से अधिक ठिकानों पर छापा मारा था, जिसमें अवैध खनन और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों के साथ 10 करोड़ रुपये नगदी बरामद की गई थी। ये छापे उनकी छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी और साईं राम इंटरप्राइजेज के नाम से सड़क और खनन से जुड़े कार्यों में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी अंजाम देने का पुख्ता सुराग मिलने पर मारे गए थे। दरअसल, आयकर विभाग ने सीएजी (कैग) की उस रिपोर्ट के बाद जांच शुरू की थी जिसमें सोनभद्र में अवैध खनन से करीब 60 करोड़ रुपये की राजस्व की हानि का जिक्र था। आयकर विभाग ने मिर्जापुर और सोनभद्र में ड्रोन और सेटेलाइट इमेजिंग के जरिये भी अवैध खनन के सुबूत जुटाए थे।

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खनन विभाग के अधिकारी भी शामिल

सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में खनन विभाग के कई अधिकारियों की भूमिका का भी जिक्र किया गया है, जिन्होंने अवैध खनन पर चुप्पी साधे रखी और इन कंपनियों से उपकृत होते रहे। जांच के दायरे में खनन निदेशालय के अधिकारी भी आए थे, जिनसे जवाब-तलब किया गया था। छापे के दौरान कई नौकरशाहों को भी उपकृत करने से जुड़े दस्तावेज आयकर विभाग के हाथ लगे थे। अब आयकर विभाग के मुख्यालय द्वारा उमाशंकर सिंह की कंपनियों पर टैक्स चोरी की रकम का निर्धारण किया जाएगा। इस दौरान कंपनी संचालकों को अपना पक्ष रखने का मौका भी मिलेगा।
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