फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: जौनपुर व कन्नौज में 45-46 वर्षों से अटकी चकबंदी पूरी...23 जिलों के कुल 43 गांवों को मिला लाभ

Fri, 23 Jan 2026 08:02 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

उत्तर प्रदेश में 23 जिलों के 43 गांवों में वर्षों से अटकी चकबंदी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जौनपुर और कन्नौज के कुछ गांवों में यह कार्य 45-46 वर्षों से लंबित था। चकबंदी पूरी होने से किसानों को राहत और गांवों के विकास को गति मिली है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश में 23 जिलों के 43 गांवों में चकबंदी का काम पूरा हो गया है। खास बात यह है कि इनमें जौनपुर और कन्नौज के कई गांवों में चकबंकी का काम 45-46 वर्षों से अटका हुआ था। चकबंदी समाप्ति का आदेश भी जारी कर दिया गया है। चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने जिलास्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि 43 गांवों के चकबंदी कार्यों को पूरा कराकर उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-52(1) के तहत चकबंदी संबंधी कामकाज खत्म हो गया है। यूपी के 23 जिलों जौनपुर, कन्नौज, बस्ती, मैनपुरी, प्रतापगढ़, औरैया, बहराइच, मीरजापुर, बरेली, गोंडा, सिद्धार्थनगर, हमीरपुर, संतकबीर नगर, बलिया, महराजगंज, चंदौली, प्रतापगढ़, फतेहपुर, बरेली, रामपुर, लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर और सोनभद्र के 43 गांवो में चकबंदी संबंधी प्रस्ताव चकबंदी आयुक्त को भेजे गए थे।

चकबंदी आयुक्त ने इन सभी प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। यहां बता दें कि इन गांवों में जौनपुर का गांव बेल्छा 46 वर्षों से, कन्नौज का गांव सरदामई व कठिगरा 45 वर्षों से, मैनपुरी का गांव बलपुरा, बस्ती का गांव सूसीपार 35 वर्षों से चकबंदी की प्रक्रिया में थे। चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने लगातार निगरानी कर वर्षों से लंबित इन प्रकरणों को निपटाया। चकबंदी पूरी होने से किसानों को सार्वजनिक सुविधाओं का लाभ प्राप्त हुआ है। साथ ही गांव के विकास कार्यों को गति मिली है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें