मामले की जानकारी जब कुलपति को पता चली तो उन्होंने बीती 26 मई को जांच के लिए एक कमेटी गठित की। कमेटी की अध्यक्षता प्रो. केके सिंह, डीन, फैकल्टी ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज, ने की। जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों, सॉफ्टवेयर अभिलेखों, वित्तीय विवरणों, अन्य साक्ष्यों लोगों के बयानों के बाद इस बात की पुष्टि हुई कि चारों संविदा कर्मियों ने दवाओं का दुरुपयोग, शासकीय धन की क्षति और अन्य गंभीर वित्तीय अनियमितताएं की हैं। जांच समीति ने दो जून को अंतरिम जांच आख्या दी।
चीफ प्रोक्टर ने बताया कि मामले की और गहनता से विभागीय जांच होने के बाद उन्हें आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अधिकृत किया गया। ऐसे में उन्होंने चौक थाने में तहरीर दी। इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय ने बताया कि पर प्रकाश सिंह, हेमंत श्रीवास्तव, सचिन तिवारी और अरशद मामला दर्ज किया गया है। विभाग से प्रकरण से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं। विवेचना के दौरान साक्ष्य मिलने और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।