प्रदेश में आयुष विभाग में खाली चल रहे 4350 पदों पर जल्द भर्ती होगी। ये पद प्रवक्ता, स्टाफ नर्स सहित विभिन्न संवर्ग के हैं। इन भर्तियों से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त होंगी, बल्कि युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
प्रदेश में आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथिक विभाग में 4350 पद रिक्त हैं। आयुष विभाग के प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने बताया कि निदेशक, उप निदेशक, प्राचार्य, प्रोफेसर, लेक्चरर, चिकित्साधिकारी, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, मैट्रन, रीडर जैसे महत्वपूर्ण पदों को भरने की तैयारी शुरू कर दी गई है। आयुर्वेद चिकित्सा सेवाओं में कुल 7233 स्वीकृत पदों में से 3025 पद रिक्त हैं। इसी तरह यूनानी चिकत्सा सेवाओं में कुल 462 स्वीकृत पदों में से 161 पद खाली हैं। इसके अलावा होम्योपैथिक चिकित्सा सेवाओं में कुल 3818 स्वीकृत पदों में से 1164 पद रिक्त हैं। इन पदों को भरने के लिए नियुक्ति प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
सिर्फ 16 रुपये के योगदान से 50 लाख तक की कर रहे मदद
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के असामयिक मृत्यु पर उनके परिजनों के सहयोग के लिए बनाए गए टीचर्स सेल्फ केयर टीम (टीएससीटी) के सदस्यों की संख्या चार लाख से अधिक हो गई है। किसी शिक्षक के दिवंगत होने पर शिक्षकों से सिर्फ 16 रुपये सहयोग लिया जाता है। इससे एकत्र होने वाली रकम पीड़ित परिवार को दी जाती है। यह आर्थिक सहायता 50 लाख रुपये तक दी जाती है।
संगठन के पदाधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि टीएससीटी का गठन 26 जुलाई 2020 को प्रयागराज के शिक्षक विवेकानंद आर्य ने किया था। यह संगठन पूरे प्रदेश में शिक्षकों के हित के लिए काम कर रहा है। वर्तमान में इस संगठन में उच्च शिक्षा के शिक्षक, बीईओ सहित सभी शैक्षणिक स्टाफ जैसे शिक्षामित्र, अनुदेशक, क्लर्क, अनुचर, चतुर्थ श्रेणी आदि कर्मचारी जुड़ सकते हैं। प्रवक्ता सूर्यकांत शुक्ला ने बताया कि संगठन की ओर से अब तक 316 दिवंगत शिक्षकों के परिजनों को 128.72 करोड़ की सहायता की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि संगठन से जुड़ने के लिए शिक्षक TSCTUP.COM पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यह टीम शिक्षकों का शिक्षकों के लिए शिक्षकों के माध्यम से सहयोग का एक सशक्त माध्यम बना है।