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UP: बीस करोड़ के घपले की जांच को दबा रहा जलकल विभाग, एक साल पहले ऑडिट जांच में सामने आई थी गड़बड़ी

Tue, 10 Feb 2026 03:09 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

विभाग ने वित्तीय वर्ष 2013-14 से 2022-23 के बीच की गई जांच में भारी वित्तीय अनियमितताएं पकड़ी थीं जिस पर दिसंबर में जवाब मांगा गया था। मांगने पर भी शासन को पूरी रिपोर्ट नहीं भेजी गई है।
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- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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जलकल विभाग सामान खरीद और मरम्मत कार्यों के नाम पर हुए करीब 20 करोड़ रुपये के घपले को दबा रहा है। ऑडिट में चोरी पकड़े जाने के एक साल बाद भी विभाग की चुप्पी से नाराज शासन ने अब सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की सीधी निगरानी के बीच शासन ने नगर आयुक्त को अंतिम चेतावनी देते हुए तत्काल विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

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स्थानीय लेखा निधि परीक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2013-14 से 2022-23 के बीच की गई जांच में भारी वित्तीय अनियमितताएं पकड़ी थीं। तब दिसंबर में पत्र भेजकर जवाब मांगा गया था, लेकिन जलकल विभाग ने केवल उन बिंदुओं पर सफाई दी जो कम गंभीर थे और बड़े मामलों को दबा दिया था।

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अब नगर विकास विभाग के उप सचिव राजेश्वरी प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री कार्यालय इस मामले की लगातार समीक्षा कर रहा है। यदि तत्काल रिपोर्ट नहीं भेजी गई, तो इसे जिम्मेदारों की जानबूझकर की गई लापरवाही माना जाएगा और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई के लिए शासन को फाइल भेज दी जाएगी।
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ऐसे लूटा गया सरकारी खजाना
जांच में सीवर सफाई के नाम पर तीन करोड़ रुपये से अधिक के डीजल-पेट्रोल का गोलमाल करने, बिना टेंडर 69 नलकूपों की रिबोरिंग कराने से करीब 43 लाख का घपला करने, चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए बड़े कामों को टुकड़ों में बांटने, पानी शोधित करने वाले रसायन व सेमी हाईमास्ट को महंगी दर पर लगाने का खुलासा हुआ था। ठेकेदारों से जमानत राशि न जमा कराने का भी मामला सामने आया था।

जांच के घेरे में ये इंजीनियर
नीरज गौड़, ओपी सिंह, आरपीएस सलूजा, रमेश चंद्र रघुवंशी, अविनाश श्रीवास्तव, राधेश्याम मौर्या, महेश चंद्र आजाद, अफजाल मसूद, बृजेश कुमार श्रीवास्तव, विश्वनाथ गुप्ता, कुलदीप सिंह, जितेंद्र त्रिपाठी, महादेव मिश्रा, महेंद्र सिंह सचान, श्यामलाल मौर्या, मनोज कुमार शुक्ला, अनिरुद्ध भारती, नरसिंह, डीएन यादव, रमाशंकर सिंह बादलीवाल, देवेंद्र नाथ यादव, विमल श्रीवास्तव व विकास शर्मा। अपर नगर आयुक्त ललित कुमार का कहना है कि नगर आयुक्त के निर्देश पर जलकल महाप्रबंधक से ऑडिट में उठी आपत्तियों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इसे शासन को भेजा जाएगा।

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