जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने चेतावनी दी है कि हर घर नल योजना के काम में अगर किसी स्तर पर भी भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मंगलवार को योजना के तहत प्रदेश में काम कर रहीं 163 एनजीओ के प्रतिनिधियों से सीधा संवाद करते हुए कहा है कि अगर किसी स्तर पर अनुचित मांग हो तो हमें बताएं, लेकिन भ्रष्टाचार का हिस्सा बने तो ऐसी कार्रवाई होगी जो नजीर बन जाएगी। उन्होंने एनजीओ प्रतिनिधियों से कहा है कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने में जो लोग असमर्थ हैं वे अभियान से बाहर हो सकते हैं।
सिंचाई विभाग के परिकल्पना भवन में हुए संवाद में स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) के प्रतिनिधियों को हर घर तक पहुंचने की टिप्स दिए गए। मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्म के साथ ही गांव, गली, मोहल्लों तक व्यावहारिक पहुंच होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि पहले लाखों लोगों को रोजगार, मकान और अब घर-घर नल से जल पहुंचाना सामान्य काम नहीं था, लेकिन टीम भावना से सरकार ने यह कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द यूपी में सौ फीसदी घरों में नल से जल मिलना शुरू हो जाएगा। कार्यक्रम में नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अधिशासी निदेशक अखंड प्रताप सिंह भी मौजूद थे।
जमीनी सवालों में उलझे प्रतिनिधि
स्वतंत्रदेव ने संवाद में एनजीओ प्रतिनिधियों से जमीनी हकीकत जानने के लिए सवाल-जवाब किए तो ज्यादातर बचते दिखे। मंत्री ने गांवों में तालाबों की संख्या के साथ ही उनमें पानी का स्तर भी पूछा। उन्होंने एनजीओ के कार्य क्षेत्रों में भूजल स्तर के साथ ही छोटी-बड़ी नहरों की संख्या, कुओं और हैंडपंपों के हालात के बारे में भी पूछा। गांवों में पेयजल की मौजूदा व्यवस्था के साथ ही जानवरों के पीने के पानी की व्यवस्था के बारे में भी अलग-अलग इलाके के प्रतिनिधियों से जानकारी ली।