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UP: श्रावस्ती में दवा व उपकरण खरीद में गड़बड़ी, पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव, दो सीएमओ समेत छह पर एफआईआर

Fri, 29 May 2026 07:56 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

श्रावस्ती में एनआरएचएम के तहत दवा और उपकरण खरीद में अनियमितताओं के मामले में विजिलेंस ने पूर्व विधायक Mukesh Srivastava, दो पूर्व सीएमओ समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच में फर्जी भुगतान, निविदा गड़बड़ी और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप सामने आए हैं।
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फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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श्रावस्ती में एनआरएचएम के तहत दवाओं की खरीद में अनियमितताओं पर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। शासन के निर्देश पर विजिलेंस ने बहराइच के पयागपुर से पूर्व कांगेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव (अब सपा में), दो पूर्व सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह, डॉ. विपेंद्र कुमार सिंह, सीएमओ कार्यालय में तैनात रहे दो कर्मियों और एक फर्म के प्रोपराइटर राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। यह कार्रवाई वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2021-22 के बीच हुई गड़बड़ियों से जुड़ी है।

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विजिलेंस द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक शासन के निर्देश पर की गई गोपनीय जांच में दवाओं और उपकरणों की खरीद-फरोख्त में व्यापक अनियमितताओं का पता चला था। वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2021-22 तक अस्पतालों में दवाओं और उपकरणों की खरीद-फरोख्त में भी व्यापक अनियमितता की गई। 

चिकित्साधिकारी प्रभारी को पूरी छूट दी

आरवीएसके व सपोर्टिंग सुपरविजन योजना के तहत स्वास्थ्य केंद्रों पर एक वाहन चलाकर तीन वाहनों की धनराशि आहरित की गई। निविदा होने के बाद भी तत्कालीन सीएमओ दिनेश कुमार सिंह और विपेंद्र कुमार सिंह ने अपने लाभ के लिए चिकित्साधिकारी प्रभारी को पूरी छूट दी। 

दोनों सेवानिवृत्त सीएमओ के विरुद्ध प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए गए। इसके अलावा मेंटीनेंस के कार्यों में भी गड़बड़ी पाई गई। फर्म आरपी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने बिना कार्य कराए या आंशिक कार्य कराकर पूर्ण भुगतान लिया। 

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बिना निविदा के छपाई का कार्य कराकर भी अनियमितता की गई। श्रावस्ती के स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2021-22 के बीच बिना चिकित्सा प्रतिपूर्ति रजिस्टर बनाए काम हुआ। चिकित्सा प्रतिपूर्ति वाउचरों के परीक्षण में 10 से 25 फीसदी तक उत्कोच प्राप्त कर मानक के विपरीत वाउचर पास किए गए। 

इससे शासन को वित्तीय क्षति पहुंचाई गई। इस मामले में तत्कालीन सीएमओ दिनेश कुमार सिंह, विपेंद्र कुमार सिंह, तत्कालीन वरिष्ठ सहायक कोमल प्रसाद और अनिल पांडेय, पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेंद्र प्रताप श्रीवास्तव और आरपी ग्रुप ऑफ कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव को नामजद किया गया है।
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