मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए हर दिन कम से कम डेढ़ लाख सैंपल की जांच की जाए। उन्होंने कोविड से बचाव व उपचार की व्यवस्थाओं को पूरी तरह प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। वे मंगलवार को शास्त्री भवन में टीम 9 की बैठक में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अधिकांश कोरोना मरीजों को होम आइसोलेशन की ही जरूरत पड़ रही है। इसलिए इन मरीजों को प्रोटोकॉल की पूरी जानकारी दी जाए। एनसीआर के जिलों सहित लखनऊ में अधिक केस मिल रहे हैं। ऐसे में इन जिलों में फेस मास्क की अनिवार्यता को प्रभावी बनाएं। उन्होंने लोगों को कोविड प्रोटोकॉल के प्रति जागरूक करने और पब्लिक एड्रेस सिस्टम का प्रभावी बनाने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बच्चों के टीकाकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पात्रता के अनुसार अब दूसरी डोज भी दी जाए।
18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को बूस्टर डोज लगाने के कार्य में भी तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध प्रयासों और अंतर्विभागीय समन्वय से प्रदेश में इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है। साथ ही प्रदेश ने संचारी रोगों के उन्मूलन में भी बड़ी सफलता प्राप्त की है। राज्य में मलेरिया और कालाजार रोग समाप्ति की ओर है। प्रति एक हजार की जनसंख्या पर एक से अधिक व्यक्ति में मलेरिया की समस्या नहीं पाई गई, जबकि कालाजार के 22 चिह्नित ब्लॉकों में प्रति दस हजार की आबादी में एक से अधिक व्यक्ति में यह रोग नहीं पाया गया।
बहुत जल्द प्रदेश कालाजार से भी मुक्त हो जाएगा और मलेरिया रोग को पूरी तरह नियंत्रित करने में भी सफल होगा। प्रदेश के कालाजार से मुक्त होने की औपचारिक घोषणा शीघ्र की जाएगी।