फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: प्रदेश के कोरोना मरीजों की जीनोम सिक्वेसिंग कराने के निर्देश, निजी और सरकारी प्रयोगशालाओं को आदेश

Thu, 29 May 2025 10:07 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Genome sequencing of corona patients: कोविड की नई वेव से निपटने के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। अब प्रदेश में पॉजिटिव पाए गए मरीजों की जीनोम सिक्वेसिंग कराई जाएगी। 
विज्ञापन
कोविड 19 - फोटो : Freepik.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश में कोविड के मरीजों की जांच के दौरान सीटी वैल्यू 25 या उससे कम मिलती है तो संबंधित मरीज की जीनोम सिक्वेसिंग कराई जाएगी। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया गया है। शासन की ओर से भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि कई जिलों में कोविड मरीज मिले हैं। गाजियाबाद और जीबी नगर में विशेष ध्यान देने की जरूत है। यहां सर्वाधिक मरीज मिले हैं। इसी तरह अन्य जिलों में भी निगरानी रखी जाए। जांच के दौरान सिटी वैल्यू 25 या इससे कम पाए जाने पर संबंधित सैंपल की जीनोम सिक्वेसिंग कराई जाए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, आगरा और मुरादाबाद मंडल के के जिलों के नमूने नई दिल्ली स्थित एनसीडीसी लैब भेजा सकता है। इसी तरह अन्य जिलों के नमूने केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी लैब भेजे जा सकते हैं। मुख्य चिकित्साधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि अपने- अपने जिले की निजी प्रयोगशाला को भी सूचित करें। क्योंकि अभी तक पॉजिटिव आए ज्यादातर केस निजी प्रयोगशाला के ही हैं। निजी प्रयोगशाला भी सभी तरह के जांच संबंधित प्रोटोकॉल का पालन करें।

विज्ञापन


विज्ञापन

अस्पताल के अधीक्षकों को सुबह- शाम देखनी होगी व्यवस्था

 प्रदेश के अस्पतालों की व्यवस्थाएं सुधारने के लिए नई रणनीति अपनाई गई है। सभी अस्पतालों के अधीक्षकों को सुबह और शाम के वक्त व्यवस्थाएं देखनी (राउंड) होगी। अधीक्षक के न रहने पर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी राउंड लेंगे। राउंड लेते वक्त ली गई फोटो को अपर निदेशक और महानिदेशक कार्यालय को भी भेजनी होगी। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी मंडलीय, जिला, महिला व संयुक्त चिकित्सालयों के अधीक्षकों को निर्देश दिया है।

प्रमुख सचिव ने निर्देशित किया है कि अस्पताल के अधीक्षक हर दिन सुबह- शाम वार्ड व परिसर का निरीक्षण करें। सुबह 8.00 बजे ओपीडी के प्रारंभ होने के समय या उससे पूर्व वार्डों एवं अस्पताल परिसर का एक राउण्ड एवं इसी प्रकार देर शाम/रात्रि को एक राउण्ड अस्पताल प्रमुख व प्रभारी द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान सफाई व्यवस्था, मरीजों एवं उनके तीमारदारों को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता, शीतल व साफ पेयजल की उपलब्धता, पंखे एवं कूलर की क्रियाशीलता और तीमारदारों के लिए छायादार स्थान की व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा संबंधी चेक प्वाइंट्स, आक्सीजन प्लांट, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड व एक्सरे आदि व्यवस्था को सुनिश्चित करेंगे। यह भी देखें कि मरीज व तीमारदार को बाहर से दवाएं खरीदने, जांच कराने या किसी अन्य सामग्री के किसी विशेष स्थान से क्रय के लिए मजबूर तो नहीं किया जा रहा। प्रतिदिन सुबह और शाम/रात्रि के राउण्ड के दौरान लिए गए फोटोग्राफ व्हॉट्सएप ग्रुप में साझा किए जाएंगे। इन्हें महानिदेशक व निदेशक (चिकित्सा उपचार) को भी भेजा जाएगा।
 

Lucknow News: राजधानी में कोरोना का दूसरा केस मिला, निजी लैब में महिला की जांच रिपोर्ट आई पॉजिटिव

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें