प्रदेश के अस्पतालों की व्यवस्थाएं सुधारने के लिए नई रणनीति अपनाई गई है। सभी अस्पतालों के अधीक्षकों को सुबह और शाम के वक्त व्यवस्थाएं देखनी (राउंड) होगी। अधीक्षक के न रहने पर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी राउंड लेंगे। राउंड लेते वक्त ली गई फोटो को अपर निदेशक और महानिदेशक कार्यालय को भी भेजनी होगी। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी मंडलीय, जिला, महिला व संयुक्त चिकित्सालयों के अधीक्षकों को निर्देश दिया है।
प्रमुख सचिव ने निर्देशित किया है कि अस्पताल के अधीक्षक हर दिन सुबह- शाम वार्ड व परिसर का निरीक्षण करें। सुबह 8.00 बजे ओपीडी के प्रारंभ होने के समय या उससे पूर्व वार्डों एवं अस्पताल परिसर का एक राउण्ड एवं इसी प्रकार देर शाम/रात्रि को एक राउण्ड अस्पताल प्रमुख व प्रभारी द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान सफाई व्यवस्था, मरीजों एवं उनके तीमारदारों को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता, शीतल व साफ पेयजल की उपलब्धता, पंखे एवं कूलर की क्रियाशीलता और तीमारदारों के लिए छायादार स्थान की व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा संबंधी चेक प्वाइंट्स, आक्सीजन प्लांट, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड व एक्सरे आदि व्यवस्था को सुनिश्चित करेंगे। यह भी देखें कि मरीज व तीमारदार को बाहर से दवाएं खरीदने, जांच कराने या किसी अन्य सामग्री के किसी विशेष स्थान से क्रय के लिए मजबूर तो नहीं किया जा रहा। प्रतिदिन सुबह और शाम/रात्रि के राउण्ड के दौरान लिए गए फोटोग्राफ व्हॉट्सएप ग्रुप में साझा किए जाएंगे। इन्हें महानिदेशक व निदेशक (चिकित्सा उपचार) को भी भेजा जाएगा।