गाजियाबाद में फोन की लत के कारण तीन बहनों की आत्महत्या की घटना को देखते हुए राज्य महिला आयोग ने जिलाधिकारियों के लिए निर्देश जारी किया है जिसमें मोबाइल आधारित शैक्षणिक गतिविधियों और ऑनलाइन कक्षाओं को रोकने की बात कही गई है।
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राज्य महिला आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को प्राथमिक विद्यालयों में फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध का निर्देश दिया है। यह कदम फोन की लत की वजह से गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की आत्महत्या बाद उठाया गया है।
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राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष की ओर से जारी आदेश में मोबाइल आधारित शैक्षणिक गतिविधियों और ऑनलाइन कक्षाओं को रोकने का निर्देश दिया है। अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने बताया कि शिक्षा के नाम पर लापरवाही देखने को मिलती है। कक्षा पांच तक के बच्चों में फोन की लत लगने का खतरा सबसे अधिक है।
ऐसे में समाज एवं शैक्षणिक व्यवस्थाएं सुधारने की जरूरत है। वर्तमान में स्कूलों की ओर से बच्चों के होमवर्क, असाइनमेंट एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियां अनिवार्य रूप से व्हाट्सएप ग्रुप अथवा अन्य डिजिटल माध्यमों से मोबाइल फोन पर भेजी जा रही हैं। इस पर रोक लगने की जरूरत है। उन्होंने गाजियाबाद जैसी घटना भविष्य में न हो इसके लिए उचित कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया।