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यूपी: हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता मामले में केंद्र से मांगा रिकॉर्ड, अगली सुनवाई 19 को

Mon, 09 Mar 2026 09:12 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Rahul Gandhi citizenship: राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उनकी नागरिकता को लेकर केंद्र से रिकॉर्ड मांगे हैं। 
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राहुल गांधी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कथित दोहरी नागरिकता मामले में दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई की। हाईकोर्ट ने राहुल गांधी से जुड़े कथित दोहरी नागरिकता विवाद के मामले में केंद्र सरकार से संबंधित केस फाइल तलब की है। यह याचिका निचली अदालत द्वारा एफआईआर दर्ज कराने से इनकार किए जाने के आदेश के खिलाफ दाखिल की गई है। याचिका पर करीब डेढ़ घंटे तक विस्तृत बहस हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय का पक्ष रखने के लिए केंद्रीय स्थायी अधिवक्ता राज कुमार सिंह को भी तलब किया और मामले से जुड़ी मामले से जुड़ी ताजा कार्रवाई की जानकारी मांगी। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 19 मार्च की तारीख तय की है। 
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न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने यह आदेश एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर दिया। याची ने 28 जनवरी 2026 को विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को चुनौती दी है। उस आदेश में अदालत ने राहुल गांधी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की मांग ठुकरा दी थी।

अदालत ने कहा था कि यह हमारा काम नहीं 
विशेष अदालत ने कहा था कि नागरिकता के सवाल पर निर्णय लेना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। याचिका में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच कराने की मांग की गई है। याची ने राहुल पर भारतीय न्याय संहिता, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत आरोप लगाए हैं। यह शिकायत पहले रायबरेली की विशेष एमपी/एमएलए अदालत में दायर की गई थी। बाद में शिकायतकर्ता की अर्जी पर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 17 दिसंबर 2025 को मामला रायबरेली से लखनऊ स्थानांतरित कर दिया था। लखनऊ की विशेष अदालत ने 28 जनवरी को याचिका खारिज कर दी। इसके बाद याची ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। 
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गृह मंत्रालय से मांगी गई पूरी नागरिकता फाइल
सुनवाई के बाद कोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए गृह मंत्रालय के विदेशियों से संबंधित प्रभाग और नागरिकता विंग से राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता से से जुड़ी पूरी फाइल अदालत में पेश करने को कहा है। अदालत ने यह फाइल 19 मार्च 2026 को पेश करने का निर्देश दिया है, ताकि मामले के सभी तथ्यों और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद अंतिम निर्णय लिया जा सके। 

उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया गंभीर आपराधिक मामला
सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता वीके सिंह ने अदालत को बताया कि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ स्पष्ट रूप से संज्ञेय अपराध बनते दिखाई दे रहे हैं। सरकारी पक्ष का कहना था कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है। 

राहुल गांधी की नागरिकता विवाद
भाजपा नेता एस. विग्नेश शिशिर और सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया था कि राहुल गांधी ने ब्रिटेन में 'बैकऑप्स लिमिटेड' नामक कंपनी में खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया था, जिससे उनकी भारतीय नागरिकता पर सवाल उठे।
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