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यूपी: हाईकोर्ट ने कहा- बहराइच मेला पर लगी रोक पर हम नहीं देंगे दखल, श्रद्धालुओं को आने की मिली अनुमति

Sun, 18 May 2025 09:29 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Bahraich Jeth fair: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने शनिवार को बहराइच दरगाह जेठ मेले पर रोक मामले में सुनवाई के बाद कहा कि हम जिला प्रशासन के द्वारा लगाई गई रोक पर दखल नहीं देंगे।
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लखनऊ हाईकोर्ट का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने शनिवार को बहराइच दरगाह जेठ मेले पर रोक मामले में सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया। कोर्ट ने फैसला सुनाने तक अंतरिम आदेश दिया कि बहराइच दरगाह जेठ मेले पर रोक के प्रशासन के निर्णय में फिलहाल हम दखल नहीं देंगें, जबकि दरगाह पर होने वाली नियमित अनुष्ठानिक प्रथाओं के कार्य संपन्न किए जा सकेंगे। इनमें वहां  श्रद्धालु भी आकर शामिल हो सकेंगे।   
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कोर्ट ने इसके लिए राज्य सरकार को कहा कि दरगाह शरीफ के प्रबंध समिति के सहयोग से कानून व्यवस्था की बहाली समेत जरूरी जनसुविधाएं मुहैया कराएगी।कोर्ट ने कहा जहां तक जेठ मेले में सांस्कृतिक/ व्यवसायिक गतिविधियों के फंसने की बात कही गई है, इस संबंध में हम पहली नजर में सरकारी अफसरों के निर्णय में दखल नहीं देना चाहते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि दरगाह समिति यह सुनिश्चित करेगी कि वहां आमतौर पर आने वाले सीमित श्रद्धालु आएंगे जिससे किसी अनहोनी स्थिति या हादसे की संभावना को टाला जा सके।

न्यायमूर्ति ए आर मसूदी और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की विशेष खंडपीठ ने यह अंतरिम आदेश बहराइच की दरगाह शरीफ प्रबंध समिति की ओर से इसके चेयरमैन समेत छह छह लोगों द्वारा दाखिल याचिका के साथ दो अन्य जनहित याचिकाओं पर दिया।
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 राज्य सरकार की ओर से मुख्य स्थाई अधिवक्ता(सी एस सी ) शैलेंद्र कुमार सिंह ने याचिका का विरोध किया। जबकि, याचियों की ओर से उनके अधिवक्ता डा एल पी मिश्र ने मेला आयोजन की अनुमति देने की दलीलें दीं।

 
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डीएम के आदेश को दी गई थी चुनौती

याचिका में बहराइच के डी एम के इसी 26 अप्रैल के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें सैयद सालार मसूद गाजी के दरगाह के पास हर साल लगने वाले जेठ मेले की इस बार अनुमति नहीं दी गई है। याचियों ने इसे कानून की मंशा के खिलाफ कहकर डी एम को मेले की अनुमति देने का निर्देश देने का आग्रह किया था। उधर, सरकारी वकील ने डी एम के आदेश को उचित कहकर याचिका का विरोध किया था। सी एस सी का कहना था कि मेले पर रोक का आदेश स्थानीय अभिसूचना इकाई समेत खुफिया विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दिया गया है। 

याचियों की ओर से कहा गया था कि जेठ मेला 18 मई से शुरू हो रहा है इसलिए मामले की जल्द सुनवाई की जाए। इसके मद्देनजर कोर्ट ने मामले की अर्जेंट सुनवाई की अर्जी पर मुख्य न्यायमूर्ति ने शनिवार को मामले सुनवाई को यह विशेष खंडपीठ गठित की थी।
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