याचिका में बहराइच के डी एम के इसी 26 अप्रैल के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें सैयद सालार मसूद गाजी के दरगाह के पास हर साल लगने वाले जेठ मेले की इस बार अनुमति नहीं दी गई है। याचियों ने इसे कानून की मंशा के खिलाफ कहकर डी एम को मेले की अनुमति देने का निर्देश देने का आग्रह किया था। उधर, सरकारी वकील ने डी एम के आदेश को उचित कहकर याचिका का विरोध किया था। सी एस सी का कहना था कि मेले पर रोक का आदेश स्थानीय अभिसूचना इकाई समेत खुफिया विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दिया गया है।
याचियों की ओर से कहा गया था कि जेठ मेला 18 मई से शुरू हो रहा है इसलिए मामले की जल्द सुनवाई की जाए। इसके मद्देनजर कोर्ट ने मामले की अर्जेंट सुनवाई की अर्जी पर मुख्य न्यायमूर्ति ने शनिवार को मामले सुनवाई को यह विशेष खंडपीठ गठित की थी।