फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: हाईकोर्ट ने श्रावस्ती के मदरसे को खोलने का दिया आदेश, कहा- सिर्फ मान्यता की वजह से नहीं कर सकते सील

Tue, 20 Jan 2026 08:07 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Shravasti Madrasa: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने श्रावस्ती के उस मदरसों को खोलने के आदेश दिए हैं जिसे मान्यता न होने की वजह से बंद कर दिया गया था। 
विज्ञापन
श्रावस्ती में सील किया गया था मदरसा। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने श्रावस्ती के बगैर मान्यताप्राप्त मदरसा अहले सुन्नत इमाम अहमद रज़ा की 24 घंटे में सील खोलने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मदरसे को बंद करने के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के 1 मई 2025 के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ मान्यता न होने के कारण किसी मदरसे को बंद नहीं किया जा सकता। कहा कि बिना मान्यता मदरसा केवल सरकारी अनुदान का हकदार नहीं होगा और उसके छात्रों को सरकारी लाभ नहीं मिलेगा। इस फैसले से प्रदेश के कई गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने यह फैसला इस मदरसे के प्रबंधक की याचिका मंजूर करके दिया। इसमें, मदरसे को बंद करने के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के 1 मई 2025 के आदेश को चुनौती दी गई थी। याची मदरसे की ओर से दलील दी गई कि प्रश्नगत आदेश कानून के अनुरूप नहीं है और केवल मान्यता न होने के आधार पर मदरसे का संचालन रोका नहीं जा सकता। कहा कि बिना मान्यता और बिना सरकारी अनुदान के चलने वाले अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान संविधान के अनुच्छेद 30(1) के तहत संरक्षित हैं।सुप्रीम कोर्ट के दिए गए एक निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे संस्थानों को संचालन की स्वतंत्रता प्राप्त है। उधर, राज्य सरकार की ओर से याचिका का विरोध किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें