स्विट्जरलैंड के दावोस में 19 से 23 जनवरी तक हो रही विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में यूपी ने 9750 करोड़ के समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के नेतृत्व में राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने इन्वेस्ट यूपी के समन्वय से वैश्विक कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारियां कर प्रदेश को भविष्य के लिए तैयार निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है।
कार्बन कंपास के संस्थापक व सीईओ नीरज अग्रवाल से क्लाइमेट इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े अवसरों पर बात हुई। उबर से निवेश विस्तार, मोबिलिटी पार्टनरशिप व नोएडा में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। उबर ने प्रदेश के 13 से अधिक शहरों में 1.5 लाख वाहनों के संचालन का जिक्र करते हुए पर्यटन व स्मार्ट मोबिलिटी समाधानों में सहयोग की संभावनाएं जताईं।
राज्य सरकार ने बैठकों में यूपी की मजबूत नीतिगत व्यवस्था, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश अनुकूल माहौल और नवाचार आधारित विकास मॉडल को पेश किया। राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल में अवस्थापना व औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव अमित सिंह, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद और यूपीनेडा के निदेशक इंदरजीत सिंह भी शामिल हैं।
सेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ 8000 करोड़ रुपये का वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट, सिफी टेक्नोलॉजीज के साथ 1600 करोड़ का एआई रेडी डाटा सेंटर, नोएडा में एआई सिटी विकसित करने और यमन के साथ 150 करोड़ रुपये का रक्षा विनिर्माण व वेपन सिस्टम इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट को लेकर करार हुए।
दावोस में आयोजित डब्ल्यूईएफ में अंतरराष्ट्रीय कंपनी लुई ड्रेफस सहित कई वैश्विक निवेशकों के साथ टीम योगी ने बैठक की। कृषि व्यापार व कमोडिटी आधारित अंतरराष्ट्रीय कंपनी ड्रेफस ने भारत में निवेश करने की इच्छा जताई है। अदाणी समूह को आपूर्ति के साथ उपभोक्ता ब्रांड वाइबर (खाद्य तेल) व दाल क्षेत्र में नई मिलें स्थापित करने की कंपनी की योजना है।