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UP: हाईकोर्ट ने कहा- राहुल गांधी के खिलाफ आरोपों के सत्यापन के बाद करें कार्रवाई; आठ सप्ताह में मांगा जवाब

Thu, 14 May 2026 07:36 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कथित आय से अधिक संपत्ति मामले में कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के खिलाफ शिकायत पर सीबीआई और ईडी को आरोपों का सत्यापन कर कानून के तहत कार्रवाई करने को कहा है। अदालत ने संबंधित एजेंसियों से आठ सप्ताह में जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 20 जुलाई को तय की है।
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राहुल गांधी - फोटो : यूट्यूब (Rahul Gandhi)
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विस्तार
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति मामले में दाखिल शिकायत पर सीबीआई या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को आरोपों का सत्यापन करने के बाद कारवाई करने का आदेश दिया है। 

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कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की ओर से दाखिल राहुल गांधी के खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि यदि शिकायत प्राप्त हो चुकी है तो सीबीआई या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कानून के अनुसार आरोपों का सत्यापन करें और कानून के तहत जरूरी कदम उठाएं। 

अदालत ने मामले में सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) समेत केंद्र सरकार की कई एजेंसियों से अगली तारीख तक जवाब तलब किया है। न्यायालय ने सभी संबंधित पक्षकारों को जवाब दाखिल करने के लिए आठ सप्ताह का समय देते हुए मामले की सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तारीख नियत की है।
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न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ ने इसी 12 मई को यह आदेश याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की याचिका पर चैंबर में सुनवाई के बाद दिया, जो बृहस्पतिवार को उपलब्ध हुआ। 

पक्षकार बनाने का आदेश दिया

याचिकाकर्ता ने मामले में केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय को भी पक्षकार बनाए जाने का प्रार्थनापत्र दाखिल किया जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए इन्हें भी मामले में पक्षकार बनाने का आदेश दिया।

सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि याचिकाकर्ता की शिकायत प्राप्त हो चुकी है और मामले में जांच संबंधी जवाब अगली तारीख तक पेश कर दिया जाएगा। वहीं, ईडी के वकील ने भी कहा कि शिकायत मिलने के बाद आरोपों का परीक्षण किया जा रहा है और उसकी प्रगति रिपोर्ट न्यायालय में अगली सुनवाई में दाखिल कर दी जाएगी।

इसपर कोर्ट ने कहा कि यदि शिकायत प्राप्त हो चुकी है तो संबंधित एजेंसियां कानून के अनुसार आरोपों का सत्यापन करें और आवश्यक कार्रवाई करें।
मामले में एसएफआईओ की ओर से भी जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया। 

जिसे न्यायालय द्वारा स्वीकार करते हुए सभी पक्षों को आठ सप्ताह में जवाबी हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए याचिका की पूरी पत्रावली और अन्य दस्तावेजों को सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया है।

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