गृहमंत्री अमित शाह के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी करने के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ एमपीएमएलए कोर्ट में केस चल रहा है। सोमवार को परिवादी की ओर से गवाह के कोर्ट में नहीं आने पर सुनवाई टल गई है। कोर्ट ने अब 17 अक्तूबर की तारीख सुनवाई के लिए नियत की है। बीते 23 सितंबर को राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी शुक्ला ने पहले गवाह से जिरह किया, जो प्रकिया पूरी हो गई थी।
कोतवाली देहात के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 2018 में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। मिश्रा का आरोप था कि कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने की गई अभद्र टिप्पणी से वे आहत हुए थे। पांच साल तक कोर्ट में चली कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी की गैरहाजिरी पर दिसंबर 2023 में कोर्ट ने वारंट जारी किया।
ये भी पढ़ें - मंदी का इफेक्ट: नेपाल-पाकिस्तान ने बढ़ाया दर्द, 40% आलू कोल्ड स्टोर में फंसा; दोहरा घाटा झेल रहे यूपी के किसान
ये भी पढ़ें - जनता दर्शन: लोगों की समस्याओं से रूबरू हुए सीएम योगी, बोले- हर चेहरे पर खुशी व संतुष्टि ही सरकार की प्राथमिकता
20 फरवरी 2024 में राहुल ने कोर्ट में सरेंडर किया और 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर उन्हें जमानत मिली। बीते वर्ष 2024 में 26 जुलाई को राहुल गांधी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश हो रही है। इसके बाद से लगातार कोर्ट में तारीख पड़ रही है।
राहुल गांधी के अधिवक्ता ने बताया कि परिवादी को अपना अन्य साक्षी प्रस्तुत करना था लेकिन न्यायालय में कोई साक्षी नहीं आने पर कोर्ट ने 17 अक्तूबर की तारीख नियत की है। इसके पहली तारीख पर गवाह अनिल मिश्रा पेश हुए थे जिनसे जिरह की गई थी। अब गवाह राम चंद्र दुबे को आना था वो नहीं आए।