प्रदेश के परिषदीय विद्यालय गर्मी की छुट्टियों के बाद फिर से खुल गए हैं। अभी भी कई जिलों में 40 डिग्री तापमान है, इसे देखते हुए बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षकों के लिए दिग्दर्शिका तैयार की गई है।
अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा तथा माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा के निर्देश पर तैयार इस दिग्दर्शिका का उद्देश्य हीट वेव से बचाव, हीट एग्जॉशन व हीट स्ट्रोक के लक्षणों की पहचान, प्राथमिक उपचार तथा बच्चों के बचाव के लिए आवश्यक ज्ञान और व्यावहारिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
इसके साथ ही विद्यालयों में ''क्या करें-क्या न करें'' संबंधी पोस्टरों से बच्चों, अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा। ताकि भीषण गर्मी बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और विद्यालयी जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव न डाल सके।
दिग्दर्शिका में स्पष्ट किया गया है कि हीट वेव से बच्चों की सुरक्षा में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होंगे। शिक्षक प्रार्थना सभा, कक्षा, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा विद्यालय की दैनिक दिनचर्या से उनको हीट वेव से बचाव के उपायों से अवगत कराएंगे। उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, तेज धूप से बचने, हल्के व सूती कपड़े पहनने, फलों के सेवन तथा हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों की पहचान के प्रति जागरूक करेंगे।
साथ ही बच्चों को यह भी सिखाया जाएगा कि यदि किसी सहपाठी की तबियत बिगड़ती है तो तत्काल शिक्षक को सूचना दें। उन्होंने विद्यालय में स्कूल हीट एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। विद्यालयों में स्वास्थ्य नोडल शिक्षक नामित किए जाएंगे, जो हीट वेव से संबंधित गतिविधियों का समन्वय करेंगे।
स्कूलों में प्रदर्शित किए जाएंगे प्रमुख नंबर
शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का ओरिएंटेशन कराया जाएगा। विद्यालय परिसर में हीट वेव से बचाव संबंधी संदेश और आपातकालीन संपर्क नंबर प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किए जाएंगे। हर विद्यालय में फर्स्ट एड किट, ओआरएस, डिजिटल थर्मामीटर तथा 108 एम्बुलेंस सहित आवश्यक चिकित्सा संपर्क व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।