मार्च 2015 से प्रदेश सरकार खुद आधार कार्ड बनवाने जा रही है। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कमिश्नरों को उनके कार्य क्षेत्र के लिए इस योजना में रजिस्ट्रार बनाया गया है।
जबकि डीएम संयुक्त रजिस्ट्रार नामित किए गए हैं। मंडल स्तर पर कमिश्नर खुद आधार कार्ड के लिए नामांकन एजेंसी तय करेंगे।
केंद्र सरकार ने हाल ही में सरकारी योजनाओं के लाभ में आधार कार्ड जरूरी कर दिया है। साथ ही प्रदेश सरकार को योजनाओं के लाभार्थियों को आधार नंबर से लिंक करने के आदेश दिये हैं।
इसी के बाद प्रदेश सरकार हरकत में आ गई है। राज्य योजना आयोग ने सभी डीएम व कमिश्नरों को यह काम प्राथमिकता से करने के निर्देश दिये हैं।
प्रमुख सचिव नियोजन देवेश चतुर्वेदी ने सभी कमिश्नरों को अपने-अपने मंडल में आधार कार्ड बनवाने के लिए नामांकन एजेंसी तय करने के लिए कहा है।
अभी तक यह काम नान स्टेट रजिस्ट्रार द्वारा तय एजेंसियों से हो रहा है। नामांकन एजेंसी तय करने के लिए सरकार ने टेंडर आमंत्रित करने के लिए कहा है।
इसके लिए विज्ञापन दिसंबर में ही दिए जाएंगे। जनवरी में टेंडर प्राप्त कर हर हाल में फरवरी तक संबंधित एजेंसियों के साथ समझौता करने के निर्देश दिए गए हैं। एजेंसी तय होने के बाद सभी के आधार कार्ड बनवाये जाएंगे।
प्रमुख सचिव नियोजन देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि इस परियोजना को प्राथमिकता से पूरा कराया जायेगा। विभिन्न योजनाओं के लाथार्थियों को आधार नंबर से लिंक करने के बाद डुप्लीकेसी रुक जायेगी। इसके बाद योजनाओं का सीधा लाभ असली लाभार्थी को ही मिलेगा