मुख्यमंत्री ने बताया कि कोविड मरीजों के लिए जनपद लखनऊ में साढ़े पांच हजार से अधिक बेड कोविड उपलब्ध हैं। अकेले केजीएमयू में बुधवार को 380 बेड की बढ़ोतरी हुई है। अभी यहां विस्तार की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि ट्रॉमा, न्यूरोसर्जरी एवं अन्य अति आवश्यक विभागों को छोड़कर इसे चरणबद्ध रूप से पूर्ण डेडिकेटेड हॉस्पिटल के रूप में सक्रिय किया जाए।
उन्होंने जिला प्रशासन को तत्काल इस दिशा में कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है। केजीएमयू में खुद के ऑक्सीजन प्लांट की भी सुविधा है, साथ ही अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध हैं। इसी प्रकार बलरामपुर हॉस्पिटल को 700 बेड वाले कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल के रूप में तैयार किया जाए।
नोडल अफसर अस्पतालों में ही करें कैम्प
मुख्यमंत्री ने कहा है कि लखनऊ में अलग-अलग अस्पतालों के लिए नियुक्त सभी नोडल अधिकारी संबंधित अस्पतालों में ही कैंप करें। वह स्थिति पर नजर रखें, मरीजों को यथासंभव हर जरूरी मदद उपलब्ध कराएं। बदलती परिस्थितियों के बीच नए विकल्पों को भी तैयार करें। जिस भी अस्पताल को अतिरिक्त मानव संसाधन की जरूरत हो, उपलब्ध कराया जाए।