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अयोध्या एयरपोर्ट का नाम बदलने की कवायद तेज, भविष्य में दिया जाएगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा

Tue, 08 Sep 2020 09:16 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
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सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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अयोध्या एयरपोर्ट का नाम मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के नाम पर रखा जाएगा और भविष्य में इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा दिया जाएगा। इसके लिए एयरपोर्ट के दायरे बढ़ाने का प्रस्ताव है और इंफ्रास्ट्रक्चर भी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के स्तर का तैयार किया जा रहा है। 

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योगी सरकार ने एयरपोर्ट का नाम बदलने और दायरा बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनने के बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने एयरपोर्ट विस्तार की योजना बनाई है। 

शासन ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को अयोध्या में हवाई पट्टी को पहले चरण में 180 से 200 सीटर हवाई जहाजों के संचालन और दूसरे चरण में बड़े आकार के बोइंग-777 हवाई जहाज के संचालन के योग्य बनाने का आग्रह किया है। 
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प्राधिकरण की टीम ने गत वर्ष पांच मई को अयोध्या में बड़े आकार के वाहनों के संचालन के लिए भौतिक सर्वे किया था। प्राधिकरण ने संशोधित प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। रिपोर्ट के अनुसार पहले चरण में ए321 विमानों के  संचालन के लिए 463.10 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। 

इस पर रन-वे की लंबाई 3125 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर होगी। दूसरे चरण में बोइंग 777 प्रकार के विमानों के संचालन के लिए 122.87 एकड़ जमीन की अतिरिक्त आवश्यकता होगी। इसके रन-वे की लंबाई 3750 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर होगी। 

एयरपोर्ट के संचालन और सुरक्षा से जुड़े कर्मियों के आवासीय क्षेत्र के लिए भी एयरपोर्ट के आसपास 15 एकड़ भूमि की आवश्यकता जताई गई है। इस प्रकार एयरपोर्ट के लिए कुल 600 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। एयरपोर्ट को फिलहाल अंतर्राष्ट्रीय स्तर का दर्जा नहीं मिला है, लेकिन प्रदेश सरकार एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के अनुसार ही तैयार करा रही है। सरकार का प्रयास है कि कुशीनगर की तरह अयोध्या एयरपोर्ट को भी संचालन शुरू होने से पहले अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा मिल जाए।

प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक सुरेंद्र सिंह ने अयोध्या के जिलाधिकारी को अयोध्या में एयरपोर्ट के लिए पहले और दूसरे चरण के लिए चिन्हित भूमि का ग्रामवार, गाटावार क्षेत्रफल और मूल्यांकन कराकर आवश्यक अनुमानित राशि का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। 

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उन्हें आवासीय क्षेत्र के लिए भी एयरपोर्ट के तीन किलोमीटर के दायरे में जमीन चिन्हित कर उसका भी प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उधर, शासन में अयोध्या एयरपोर्ट का नाम मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हवाई अड्डा अयोध्या करने की भी कवायद शुरू हो गई है। एयरपोर्ट का निर्माण दिसंबर 2021 तक पूरा करने की योजना है।

पहले एटीआर-72 के संचालन योग्य ही बनना था एयरपोर्ट
अप्रैल 2017 तक अयोध्या एयरपोर्ट का विकास दो चरणों में करने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए हुए टेक्नो-इक्नोमिक सर्वे में पहले चरण में एटीआर-72 विमानों के लिए विकसित किया जाना था। 

इसमें रन-वे की लंबाई 1680 मीटर रखी जानी थी। दूसरे चरण में ए-321, 200 सीटर विमानों के संचालन के लिए एयरपोर्ट विकसित होना था, इसमें रन-वे की लंबाई 2300 मीटर प्रस्तावित थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाद में अयोध्या में एयरपोर्ट को बोइंग-777 विमानों के योग्य बनाने और उसका नाम बदलने की घोषणा की थी।
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