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यूपी सरकार का बड़ा फैसला, मिलेंगी 11,645 नौकरियां

Tue, 19 Apr 2016 03:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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राज्य सरकार ने प्रदेश में 3,166 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाली छह मेगा परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं की स्थापना से 11,645 रोजगार सृजित होंगे।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के अंतर्गत प्रदेश में मेगा परियोजनाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न मेगा परियोजनाओं को दी जाने वाली विशेष सुविधाओं एवं रियायतों के संबंध में की गई सिफारिशों को हरी झंडी दे दी।

सरकार को 6 नई मेगा परियोजनाओं की स्थापना के संबंध में प्रस्ताव मिले थे।

इनके निवेश के लिए सरकार को मिले प्रस्ताव

इनमें एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया द्वारा 1,328 करोड़ की लागत से ग्रेटर नोएडा में स्थित इकाई के विस्तारीकरण एवं विविधीकरण, स्पर्श इंडस्ट्रीज द्वारा 324 करोड़ की लागत से वर्तमान में यूपीएसआईडीसी इंडस्ट्रियल एरिया, जैनपुर कानपुर देहात में स्थापित इकाई के विस्तारीकरण एवं विविधीकरण, अशर एग्रो लिमिटेड द्वारा 272.79 करोड़ की लागत से मथुरा में चावल एवं चावल मिलिंग पर आधारित उत्पाद, दाल मिलिंग एवं चक्की प्लांट इकाई की स्थापना, सुखबीर एग्रो इनर्जी लिमिटेड द्वारा 278.46 करोड़ की लागत से शाहजहांपुर में स्थापित राइस मिल की क्षमता का विस्तार एवं बिजली उत्पादन के लिए विविधीकरण, सुखबीर एग्रो इनर्जी लिमिटेड द्वारा 377.99 करोड़ की लागत से महोबा एवं ललितपुर में सोलर एनर्जी प्लांट तथा बेन्नेट इंस्टीट्यूट ऑफ  हायर एजूकेशन द्वारा 585 करोड़ की लागत से ग्रेटर नोएडा में बेन्नेट यूनिवर्सिटी स्थापित करने के प्रस्ताव शामिल हैं।

मेगा परियोजनाओं के लिए इन मुद्दों पर हुई चर्चा

राज्य में 200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली मेगा परियोजनाओं को दी जाने वाली सुविधाएं एवं प्रोत्साहनों पर विचार के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित प्राधिकृत समिति द्वारा इन इकाइयों के साथ चर्चा करने के बाद इन्हें विभिन्न सुविधाएं व प्रोत्साहन दिए जाने पर विचार किया गया।

समिति द्वारा इन इकाइयों को आगामी 7 से 10 वर्षों में लगभग 3,184 करोड़ रुपये की सुविधाएं व प्रोत्साहन देने की संस्तुति की गई है।

प्राधिकृत समिति द्वारा 1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली इकाइयों को एक नई श्रेणी ‘सुपर मेगा प्रोजेक्ट’ के नाम से सृजित करने की संस्तुति भी की गई।

इतना अधिक निवेश करने वाली इकाइयों को निवेश की अवधि 5 वर्ष से बढ़ाकर 7 वर्ष किए जाने तथा उन्हें विभिन्न अनुमन्य सुविधाओं में और लचीलापन प्रदान करने की संस्तुति की गई, जिसे कैबिनेट ने स्वीकार कर लिया है। इसी क्रम में शीघ्र ही इन निवेशकों को लेटर ऑफ  कंफर्ट जारी किए जाएंगे।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लिए ऋण लेने का रास्ता साफ

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लिए हुडको से ऋण लेने का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट ने ऋ ण लेने के लिए शासकीय गारंटी के साथ ही शासन के पक्ष में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डवलपेमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) से काउंटर गारंटी की अनुमति दे दी है।

एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट के लिए कुछ और बजट की व्यवस्था के लिए हुडको से 1530.64 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाना है।
हुडको से यूपीडा को ऋण लेने के लिए राज्य सरकार हुडको के पक्ष में शासकीय गारंटी देगी। इसके लिए यूपीडा से शासन के पक्ष में काउंटर गारंटी भी ली जाएगी।

शासकीय गारंटी में यह व्यवस्था रहेगी कि हुडको से लिए जा रहे  ऋण की अदायगी का पूर्ण दायित्व यूपीडा का होगा। इसके लिए हुडको के पक्ष में यूपीडा एस्क्रो खाता खोलेगा।

यह सुनिश्चित किया जाएगा कि साल दर साल ऋण की ब्याज समेत अदायगी के लिए एस्क्रो खाते में पर्याप्त राशि रहे। इसके अलावा यूपीडा राज्य सरकार को एक प्रतिशत की दर से अवशेष गारंटी की राशि पर गारंटी डीड का भुगतान भी करेगा। इन सभी कामों को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है।

गन्ना क्रय कर में दी गई छूट की विसंगति दूर

पेराई सत्र 2012-13 में गन्ना क्रय कर में दी गई छूट की विसंगति दूर कर दी है। चीनी मिलों को क्रय कर की छूट अब एक अक्तूबर 2012 से 30 अक्तूबर तक लागू रहेगी। सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया।

राज्य सरकार ने 23 मई 2013 को शासनादेश जारी कर चीनी मिलों को एक साल के लिए गन्ना क्रय में छूट दी थी। यह छूट शासनादेश जारी करने की तिथि से एक साल के लिए चीनी विक्रय पर जमा किए जाने वाले गन्ना क्रय कर पर लागू की गई थी।

गन्ना क्रय कर पर छूट की अधिकतम सीमा पेराई सत्र 2012-13 में खरीदे गए गन्ने की वास्तविक मात्रा के क्रय कर के बराबर, यानी दो रुपये प्रति क्विंटल की दर से निर्धारित की गई थी।

चूंकि गन्ना क्रय कर पर यह छूट पेराई सत्र 2012-13 में शासनादेश जारी होने की तिथि, 23 मई से लागू एक साल के लिए चीनी बेचने से जमा होने वाले क्रय कर में दी गई थी, इसलिए उत्तर प्रदेश शुगर मिल्स एसोसिएशन ने इसमें आ रही कठिनाइयों को देखते हुए विसंगति दूर करने की मांग की थी।

अब क्रय कर में छूट का निर्धारण एक अक्तूबर 2012 से 30 अक्तूबर 2013 तक माना जाएगा बशर्ते कि 23 मई 2013 से 22 मई 2014 तक पहले वर्षों की बेची गई चीनी पर देय क्रय कर वापस न किया जाए।

सैफई रिम्स के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव पास

सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के गांव सैफई में स्थित रूरल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) का परिसर अब और खूबसूरत बनेगा।

अखिलेश यादव की कैबिनेट ने इसके विकास व सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। लखनऊ पीजीआई की तर्ज पर बनाए गए रिम्स को अब और खूबसूरत बनाया जाएगा।

इसकी साज-सज्जा के लिए सरकार ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है। अब रिम्स परिसर में सड़कें चकाचक हो जाएंगी। ड्रेनेज स्स्टिम भी पूरी तरह सुधारा जाएगा। परिसर में एक साइकिल ट्रैक को भी मंजूरी मिली है।

15 साल तक मनोरंजन कर से मुक्त रहेंगे थीम पार्क

कैबिनेट ने प्रदेश में थीम पार्क की स्थापना के लिए पहले से बनी नीति में संशोधन प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है। थीम पार्क 15 साल तक मनोरंजन और सुखसाधन कर से मुक्त रहेंगे। स्टांप ड्यूटी में भी शत-प्रतिशत छूट मिलेगी। माना जा रहा है कि इस कदम से प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

संशोधनों के अनुसार, थीम पार्क या अम्यूजमेंट पार्क परियोजना की स्थापना के लिए निर्माण अवधि या 10 वर्ष (जो भी कम हो) तक राज्य में आयातित की जाने वाली निर्माण सामग्रियों पर लगने वाले कर में शत-प्रतिशत छूट दी जाएगी।

थीम पार्क परियोजना के संचालन की तिथि से 15 वर्ष तक मनोरंजन कर और सुखसाधन कर में शत-प्रतिशत छूट दी जाएगी। पहले थीम बेस्ड मॉल की स्थापना के लिए 300 एकड़ जमीन और 500 करोड़ रुपये का निवेश अनिवार्य था, मगर संशोधित नीति में न्यूनतम क्षेत्रफल 300 एकड़ होने की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है।

इस तरह होगा इसका कार्यान्वयन

थीम बेस्ड मॉल के लिए अनुमति देने के लिए प्रमुख सचिव, पर्यटन की अध्यक्षता में एक समिति का गठन भी किया जाएगा।

थीम पार्क परियोजना में राज्य सरकार के किसी सार्वजनिक उपक्रम, स्पेशल परवज व्हीकल (एसपीवी) या कंपनी की भागीदारी की सीमा को परियोजना के लिए आवश्यक भूमि की लागत के अधिकतम 20 प्रतिशत के स्थान पर न्यूनतम 20 प्रतिशत कर दिया गया है।

वहीं, राज्य या केंद्र सरकार या उनके अधीन निगम, परिषद, कम्पनी या संस्था से थीम पार्क या अम्यूजमेंट पार्क परियोजना के लिए जमीन खरीदने, पट्टे पर लेने या हस्तानांतरण पर स्टांप ड्यूटी में शत-प्रतिशत छूट की व्यवस्था पहले की तरह ही रखी गई है। ये सभी संशोधन पूर्व में जारी शासनादेश की तिथि 6 नवंबर, 2013 से ही प्रभावी होंगे।

कलेक्ट्रेट व तहसीलों के पुराने भवन होंगे ध्वस्त

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
राज्य कैबिनेट ने कई जिलों व तहसीलों के पुराने व जर्जर भवनों को ध्वस्त कर उसके स्थान पर नए भवनों का निर्माण कराने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। कैबिनेट ने इन भवनों के मलबे की बिक्री से प्राप्त धन से ही ध्वस्तीकरण के खर्च का भुगतान और बची रकम को बट्टा खाते में डालने का निर्णय लिया है।

कैबिनेट में गोरखपुर में ईवीएम के भंडारण के लिए गोदाम और जिला निर्वाचन कार्यालय का भवन बनाने, आगरा में ईवीएम के लिए गोदाम व वेयर हाउस का निर्माण कराने, शाहजहांपुर की तहसील जलालाबाद के अनावासीय भवनों का पुनर्निर्माण कराने, रामपुर क्लब परिसर में सर्किट हाउस व ट्रांजिट हाउस का निर्माण कराने, वाराणसी कलेक्ट्रेट के अनावासीय भवनों के पुनर्निर्माण के लिए पुराने भवनों के ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव रखा गया था।

इस आधार पर कैबिनेट ने गोरखपुर कलेक्ट्रेट स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय के जर्जर भवन, आगरा के सदर तहसील स्थित पुराने आवासीय भवनों, शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील के जर्जर भवनों, रामपुर क्लब और वाराणसी कलेक्ट्रेट के मुख्य भवन, प्रोबेशन ऑफिस,  अभिलेखागार, सिटी मजिस्ट्रेट भवन, कर्मचारी कल्याण निगम की कैंटीन, एसडीएम कोर्ट और लोक शिकायत भवनों को ध्वस्त कर वहां नए निर्माण कार्य कराने की मंजूरी दे दी है।
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इटावा की ताखा व सीतापुर की महोली बनेगी मॉडल तहसील

मुख्यमंत्री के गृह जिले इटावा की नवसृजित तहसील ताखा और सीतापुर की महोली को मॉडल तहसील बनाने केप्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है।

कैबिनेट ने ताखा के लिए प्रस्तावित 11 करोड़, 13 लाख, 97 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी दे दी है। इसके लिए कैबिनेट ने लागत तथा क्षेत्रफल के लिए तय मानक को शिथिल करने की भी अनुमति प्रदान कर दी है।

इसी तरह सीतापुर के महोली तहसील के भवनों का निर्माण मॉडल के रूप में कराए जाने को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने 11 करोड़ 74 लाख 93 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके लिए भी लागत व क्षेत्रफल के लिए निर्धारित मानक को शिथिल करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।

इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज की लाइब्रेरी व परीक्षा हाल होंगे दुरुस्त
राजकीय मेडिकल कॉलेज इलाहाबाद की लाइब्रेरी, परीक्षा हाल, लेक्चर थिएटर व छात्र स्टडी रूम दुरुस्त किए जाएंगे। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन्हें मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा। कैबिनेट ने करीब 14 करोड़ रुपये के इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी।
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