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आलू किसानों की मदद के लिए सरकार की खास योजना

Fri, 24 Apr 2015 10:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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बेमौसम बारिश और ओलों से गेहूं, दलहन व तिलहन की फसलों की तबाही के बीच इस बार सूबे में आलू की बंपर पैदावार का अनुमान है। आलू की ज्यादा पैदावार किसानों के लिए घाटे का सौदा न बन जाए, राज्य सरकार इसके लिए सक्रिय हो गई है।
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मुख्य सचिव आलोक रंजन ने रिकॉर्ड उत्पादन और भंडारण की जानकारी देते हुए केंद्र से ‘बाजार हस्तक्षेप योजना’ को तत्काल मंजूरी देने का आग्रह किया है। ऐसा होने से केंद्र सरकार आलू का न्यूनतम मूल्य तय कर देगी। इससे दाम गिरने की नौबत आने पर सरकार खुद किसानों से न्यूनतम कीमत पर किसानों से आलू खरीदना शुरू कर देगी।

मौसम की मार के बावजूद इस बार आलू की फसल पिछले कई वर्षों के मुकाबले अच्छी रही है। इस बार आलू का उत्पादन 143.15 लाख मीट्रिक टन पार करने की उम्मीद है, जबकि पिछले पांच साल में कभी भी यह 136 मीट्रिक टन नहीं पहुंचा था।
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अभी क्रॉप कटिंग नहीं हुई है, उसके पहले ही 109.15 लाख मीट्रिक टन आलू का कोल्ड स्टोरेज में भंडारण हो चुका है। 2010-11 में 100.42 लाख मीट्रिक टन आलू स्टोर हुआ था। इसके बाद भंडारण कभी तीन अंक में नहीं पहुंच पाया।

जनवरी से ही शुरू कर दी थी कार्रवाई

प्रमुख सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण दीपक त्रिवेदी ने बताया कि सरकार ने आलू भंडारण व किसानों को उचित मूल्य दिलाने से जुड़ी कार्यवाही जनवरी से ही शुरू कर दी थी।

इसी का नतीजा है कि अभी जबकि क्रॉप कटिंग शुरू ही हुई है, रिकॉर्ड भंडारण हो चुका है। आगे भी भंडारण में कोई मुश्किल न आए, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है।

कंट्रोल रूम रखेगा भाव पर नजर
प्रमुख सचिव ने बताया कि आलू के भाव पर नजर रखने के लिए उद्यान निदेशालय में एक कंट्रोल रूम खोल दिया गया है। यहां भाव पर नियमित नजर रखी जाएगी। यदि भाव गिरने की नौबत आती है तो जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

1 लाख मीट्रिक टन आलू खरीदने का भेजा प्रस्ताव
प्रदेश ने ‘बाजार हस्तक्षेप योजना’ के तहत एक लाख मीट्रिक टन आलू खरीदने का प्रस्ताव किया है। इसमें 50-50 फीसदी राज्य व केंद्र सरकार की एजेंसियों से खरीद की बात कही गई है।
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उठाए जाएंगे कई और बड़े कदम

योजना लागू होने पर केंद्र सरकार की एजेंसी नेफेड व प्रदेश की एजेंसी हाफेड, पीसीएफ व यूपीएग्रो आदि को खरीद की जिम्मेदारी सौंपने की योजना है।

आलू: बोवाई, उत्पादन व भंडारण
उत्पादन वर्ष--बोवाई का क्षेत्रफल--उत्पादन--भंडारण
2010-11--5.57--135.76--100.42
2011-12--5.58--123.16--81.46
2012-13--5.48--133.36--83.05
2013-14--5.70--120.60--76.79
2014-15--6.27--143.15--109.15
(नोट : क्षेत्रफल लाख हेक्टेयर में और उत्पादन व भंडारण लाख मीट्रिक टन में।)
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