उत्तर प्रदेश सरकार ने यूरिया की आपूर्ति करने वाली कंपनियों को खराब प्वॉइंट ऑफ सेल (पॉस) मशीनें तत्काल ठीक करने के आदेश दिए हैं। राज्य मुख्यालय स्तर से सभी जिलों में खाद की आपूर्ति पर विशेष निगाह रखी जा रही है।
सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को लगातार छापे मारने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जा सके। मुख्य खाद के साथ कमतर उत्पाद टैग करने या ओवर रेटिंग करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
अपर मुख्य सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि विभिन्न जिलों में 8-10 प्रतिशत पॉस मशीनें खराब होने की शिकायतें मिली हैं। डीलर के यहां खाद कंपनियां ही इन मशीनों को लगवाती हैं। इसलिए उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी मशीनें खराब होने की शिकायत मिले, उन्हें तत्काल ठीक कराया जाए ताकि खाद की बिक्री प्रभावित न हो।
डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि प्रदेश में कहीं भी खाद की किल्लत नहीं है। किसानों को आधार कार्ड देखकर रकबे के अनुसार यूरिया वितरित की जा रही है। निर्धारित मात्रा से ज्यादा किसी को खाद नहीं दी जा रही है।
यही वजह है कि कई जगहों पर कतारें भी देखने को मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि पॉस मशीन में ब्योरा भरे बिना जो भी डीलर या सहकारी समितियां खाद देंगी, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।