सरकार को इस बात का अंदाजा हो गया है कि बेमौसम बारिश व ओलों से प्रभावित किसानों को राहत मुहैया कराने में अब तक करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद उसका श्रेय ठीक से नहीं मिल पा रहा है।
उल्टे, राजस्व कर्मियों की मनमानी की वजह से सरकार की बदनामी हो रही है। इसे देखते हुए मुख्य सचिव आलोक रंजन ने सरकार के सख्त रुख का संकेत करते हुए शिकायतों को गंभीरता से लेकर राजस्व कर्मियों को सस्पेंड कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का फरमान सुनाया है।
मुख्य सचिव का कहना है कि पीड़ित किसानों को राहत वितरण के लिए सरकार 2946 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। विभिन्न शासनादेशों व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये किसानों को राहत के लिए कई बार स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं।
इसके बावजूद लगातार शिकायतें मिल रही हैं। सबसे बेहद गंभीर शिकायत यह है कि जिला प्रशासन ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं कर रहा है।