प्रदेश सरकार ने निजी क्षेत्र के सात मेडिकल कॉलेजों को हरी झंडी दे दी है। इन सभी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 150-150 सीटों के लिए एनओसी भी जारी कर दिया गया है।
इसके अलावा एक डेंटल व एक नर्सिंग कॉलेज सहित तीन कॉलेजों को भी सरकार ने एनओसी दे दी है। अब इन कॉलेजों को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया, नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया व डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता लेने के साथ ही संबंधित विश्वविद्यालयों से संबद्धता लेनी होगी।
एमबीबीएस की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में अगले शैक्षिक सत्र से एमबीबीएस की 1050 सीटें बढ़ सकती हैं।
इन निजी मेडिकल कॉलेजों में दो लखनऊ, दो अलीगढ़ व एक-एक कॉलेज गाजियाबाद, मथुरा और शाहजहांपुर में स्थित हैं। जबकि नर्सिंग कॉलेज गोंडा व डेंटल कॉलेज आजमगढ़ में है।
परिषद से लेनी होगी इजाजत
इसके अलावा बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नोलॉजी (बीएमएलटी) का कोर्स कराने वाला संस्थान लखनऊ में है। मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में बनी हाई लेवल स्टीयरिंग कमेटी की संस्तुति के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इन कॉलेजों को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया है।
अब इन कॉलेजों को अपने पाठ्यक्रमों की मान्यता के लिए संबंधित परिषद से इजाजत लेनी होगी।
इन सभी कॉलेजों ने एमसीआई, डीसीआई व एनसीआई में आवेदन कर दिया है। उम्मीद है कि अगले शैक्षिक सत्र से इन कॉलेजों को भी प्रवेश की इजाजत मिल जाए।
इन कॉलेजों को मिली एनओसी
संस्थान--पाठ्यक्रम--सीटें
प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ--एमबीबीएस--150
आईडीएसटी, मोदीनगर, गाजियाबाद--एमबीबीएस--150
सरस्वती मेडिकल कॉलेज, लखनऊ--एमबीबीएस--150
एशियन मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़--एमबीबीएस--150
अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर, अलीगढ़--एमबीबीएस--150
केडी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, मथुरा--एमबीबीएस--150
रूहेलखंड मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल, शाहजहांपुर--एमबीबीएस--150
डेंटल कॉलेज, आजमगढ़--एमडीएस--09
बोरा इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज, लखनऊ--बीएमएलटी--40
एसपीएम कॉलेज ऑफ नर्सिंग, गोंडा--बीआरडीआईटी-40, बीपीटी-40, एमएससी नर्सिंग-20