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जनता ही नहीं, विश्वबैंक भी अखिलेश से नाराज!

Sat, 13 Dec 2014 01:51 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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भूगर्भ जल विभाग ने यूपी वाटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना पर चालू वित्तीय वर्ष में मिले बजट का एक पाई भी नहीं खर्च किया। इस पर विश्व बैंक ने नाराजगी जताई है।
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दरअसल विश्व बैंक ने परियोजना के तहत ग्राउंड वाटर लेवल जांचने के लिए यह फंडिंग की है। भूजल स्तर जांचने के बाद भविष्य के लिए योजनाएं बनाई जानी हैं, जिससे गिरते भूजल स्तर को रोका जा सके।

मुख्य सचिव की सख्ती के बाद प्रमुख सचिव भूगर्भ जल विभाग ने लापरवाही करने वालों की जिम्मेदारी तय करने की कार्यवाही शुरू कर दी है।

यूपी वाटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना में सरकार विश्व बैंक से मदद ले रही है। परियोजना के दूसरे चरण में भूगर्भ जल विभाग को वित्तीय वर्ष 2013-14 में 50 लाख रुपये और 2014-15 में एक करोड़ रुपये मिले।
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पिछले वित्तीय वर्ष के 50 लाख रुपये में से विभाग 25.36 लाख रुपये ही खर्च कर सका था। बाकी 24.64 लाख रुपये सरकार के खजाने में सरेंडर करना पड़ा।

वहीं चालू वित्त वर्ष में मिले एक करोड़ रुपये में से विभाग ने एक पाई भी खर्च नहीं किया। पिछले दिनों हुई समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने इस पर गहरी नाराजगी जताई।

सूत्रों का कहना है कि प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल ने प्रमुख सचिव भूगर्भ जल विभाग को एक पत्र लिखा है। इसमें परियोजना से जुड़े बजट खर्च नहीं होने पर विश्व बैंक के प्रतिनिधि व मुख्य सचिव की नाराजगी की जानकारी दी गई है।

जानकार बताते हैं इसके बाद प्रमुख सचिव भूगर्भ ने विभाग के निदेशक पीआर चौरसिया और एक  सीनियर हाइड्रो जियोलॉजिस्ट से जवाब तलब कर लिया है। 15 दिन में इन अफसरों को जवाब देना है।
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