डेंगू से बड़ी संख्या में मौत और हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद शासन ने बुधवार को इसे महामारी घोषित कर दिया। सरकार ने यह फैसला कैबिनेट बाई सर्कुलेशन कर आदेश भी जारी कर दिया।
महामारी घोषित होने के बाद सरकार डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में बचाव व राहत के उपाय बेहतर तरीके से कर सकेगी और जवाबदेही भी तय की जा सकेगी। उसे निजी अस्पतालों की मनमानी पर अंकुश लगाने का अधिकार भी मिल गया है। सरकार अब जिले स्तर व प्रदेश स्तर पर नियंत्रक प्राधिकारी तैनात करेगी।
प्रदेश में डेंगू से बड़ी संख्या में मौतों के बीच यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो अफसरों ने हर स्तर पर अदालत को गुमराह करने की कोशिश की थी। नाराज हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को तलब कर लिया था। मुख्य सचिव ने कोर्ट को त्रिस्तरीय कार्ययोजना पर अमल की जानकारी दी थी।
इसके तहत शासन स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाईपॉवर कमेटी बनाने, प्रमुख सचिव के निर्देशन में तकनीकी कमेटी गठित करने और डेंगू को महामारी घोषित कर राहत व बचाव के कार्य करने की बात कही थी। शासन ने महामारी घोषित करने की अनुमति कैबिनेट से लेने का प्रस्ताव भेजा था।