राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों के उच्चीकरण, आंगनबाड़ी तथा प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के नामांकन, ड्रॉपआउट दर कम करने तथा लिंगानुपात में सुधार के निर्देश दिए हैं। वे सोमवार को राजभवन में प्राथमिक शिक्षा विभाग व आंगनबाड़ी केंद्र के अधिकारियों के साथ बैठक कर रही थीं। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में कक्षा एक से पांचवीं में पढ़ने वाले बच्चों का समय पर नामांकन कराएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रॉपआउट दर कम करने के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाएं। प्रदेशभर में यह सुनिश्चित करें कि 06 से 10 साल के सभी बच्चे विद्यालयों में नामांकित हों। हर गांव में बच्चों के नामांकन की विशेष मुहिम चलाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जिलों से बच्चों के नामांकन व ड्रॉपआउट के आंकड़े एकत्र कर उसकी समीक्षा करें। उन्होंने शत-प्रतिशत नामांकन के लिए समर्पित प्रयास करने पर बल दिया। राज्यपाल ने प्रदेश में घटते लिंगानुपात पर चिंता जताते हुए कहा कि निजी अस्पतालों में हो रही प्रसव प्रक्रियाओं की निगरानी की जाए। महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग व पुलिस प्रशासन मिलकर कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराधों को रोकने के लिए कार्यवाही करें। राज्यपाल ने आंगनबाड़ी अधिकारियों से कहा कि हर पात्र बच्चे का आंगनबाड़ी केंद्र में नामांकन अनिवार्य रूप से करे। बच्चों के भोजन, पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण व प्रारंभिक शिक्षा की समुचित व्यवस्था हो। बैठक में अपर मुख्य सचिव बेसिक व माध्यमिक शिक्षा दीपक कुमार, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, प्रमुख सचिव महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार लीना जौहरी, महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा, विशेष कार्याधिकारी शिक्षा डॉ. पंकज एल जानी आदि उपस्थित थे।