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Barabanki: राज्यपाल बोलीं- विरोध जताने के लिए फसलों को फेंके नहीं किसान बल्कि आंगनबाड़ी केंद्रों को दे दें

Wed, 31 Jul 2024 11:14 AM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी

सार

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने प्री स्कूल किट वितरण कार्यक्रम में कहा कि बाराबंकी किसानों की धरती है। किसान अपना विरोध जताने के लिए फसलों को फेंकें न बल्कि उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों को दे दें।
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कार्यक्रम में मौजूद राज्यपाल आनंदी बेन पटेल। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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हिंद मेडिकल इंस्टिट्यूट में जिला प्रशासन और आईसीआईसीआई फाउंडेशन की ओर से आयोजित प्री स्कूल किट वितरण में राज्यपाल आनंदी पटेल का आगमन हुआ। राज्यपाल ने कहा कि आईसीआईसीआई बैंक की ओर से 500 प्री स्कूल किट उपलब्ध कराई गई थी। इस पर कई जिलों से कायाकल्प वाले आंगनबाड़ी केंद्रों के बारे में जानकारी ली गई लेकिन बाराबंकी के अलावा किसी भी जनपद में इतनी संख्या में आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प नहीं कराया गया था, इसलिए बाराबंकी को किट वितरण के लिए चुना गया।

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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की क्षमता संवर्धन के लिए कराई गई परीक्षा अच्छा कदम है। जो कार्यकत्रियां सफल न हो पाए, उनको प्रशिक्षण दिया जाए। राज्यपाल ने कहा कि देश के भविष्य को स्वस्थ रखकर ही सशक्त और समृद्ध बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भविष्य के भारत को स्वस्थ बनाने का सपना देखा है, इसकी शुरुआत यही से होती है।

सभी अधिकारी पूरी तत्परता से आंगनबाड़ी केंद्रों में सुधार के लिए प्रयास करें। बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ पोषण देने के लिए हर केंद्र पर हॉट कुक्ड फूड परोसा जाए। आज संस्थागत प्रसव बढ़कर 90 प्रतिशत तक हो गया, इसका पूरा श्रेय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को जाता है। कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए नियमित देखभाल की जाए। इससे बच्चों में सृजनता आयेगी।
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राज्यपाल ने कहा कि सरवाइकल कैंसर से बचाव के लिए 9 से 14 वर्ष की बच्चियों का टीकाकरण किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां प्रयास करें सभी का टीकाकरण हो सके। यूनिवर्सिटी में आने वाली बच्चियों का एचबी टेस्ट जरूर कराया जाए ताकि एनीमिया के कारण स्वस्थ प्रसव हो सके और बच्चों में कुपोषण दूर किया जा सके। इसके लिए अभी से प्रयास करना होगा तभी हम भारत को सशक्त और समृद्ध बना सकते हैं। आंगनबाड़ी के लिए सुंदर गीत तैयार किया जाना चाहिए, ताकि इस प्रकार के कार्यक्रमों में गीत प्रस्तुत किया जाए।

फसलें फेंकने की जगह आंगनबाड़ी केंद्रों को दे दें
राज्यपाल ने कहा कि बाराबंकी किसानों की धरती है। विरोध व्यक्त करने के लिए फसलों को फेकनें की जगह आंगनबाड़ी केंद्रों को दे देना चाहिए ताकि बच्चों को पोषण मिल सके। लोगों को सृजनात्मक सोच रखनी चाहिए। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई। राज्यपाल ने सरस्वती पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और एसपी दिनेश कुमार सिंह ने पारिजात पौधे को भेंटकर स्वागत किया।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से बच्चों को बेहतर प्री स्कूल शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के साथ गर्भवती महिलाओं की देखभाल के साथ कुपोषण से लड़ाई में अहम भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 223 आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प किया गया है। 3056 केंद्र हैं, जिनमें 3.73 लाख लाभार्थी पंजीकरण हैं। 1.37 बच्चों को हॉट कुक्ड फूड दिया जा रहा है। तीन लाख बच्चों में कुपोषण का चिन्हीकरण किया गया। 240 नवीन आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण किया गया। कायाकल्प में आंगनबाड़ी केंद्रों को स्मार्ट क्लास और शौचालय जैसी सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को पोषण युक्त भोजन मुहैया कराने के लिए पुस्तक दी गईं और लगातार तीन महीने तक स्वास्थ्य की निगरानी की गई। 

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