राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि वर्तमान में राज्य विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह चल रहे हैं। समारोह से पहले होने वाले सुरक्षा निरीक्षण में नशीले पदार्थों के इस्तेमाल सहित कई गंभीर कमियां सामने आती हैं। इसको लेकर राज्यपाल ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक परिसरों को हर हाल में नशामुक्त बनाना होगा। इसके लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि शिक्षकों, अभिभावकों और समाज की भी बराबर जिम्मेदारी है।
जनभवन में बृहस्पतिवार को पुलिस विभाग, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की ओर से आयोजित नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान में राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब युवा नशे से दूर रहेंगे। दूसरों को नशा छोड़ने की सलाह देने से पहले हर व्यक्ति को स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाना होगा। उन्होंने शिक्षकों से नशामुक्ति अभियान को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जनभवन के पांच कर्मचारियों को नशा त्यागने के संकल्प पर प्रमाण-पत्र दिए गए, जबकि जनभवन आदर्श माध्यमिक विद्यालय के पांच विद्यार्थियों को ''नशा मुक्ति प्रहरी'' के रूप में सम्मानित किया गया। सभी प्रतिभागियों को नशे के विरुद्ध शपथ भी दिलाई गई।