मिनी स्टेडियम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी
इसी क्रम में इन 26 जिलों में तीसरी तहसील में इन विद्यालयों को स्वीकृत किया गया है। 30 करोड़ से बनने वाले इन विद्यालयों में प्री नर्सरी से 12वीं तक की पढ़ाई एक ही परिसर में होगी। यहां अंग्रेजी माध्यम की आधुनिक शिक्षा, 30 स्मार्ट क्लास, साइंस, रोबोटिक्स व कंप्यूटर लैब, डिजिटल लाइब्रेरी, मिनी स्टेडियम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
वहीं छात्रों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए कौशल विकास केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक विकास भी हो सके। वे रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी तैयार हो सकेंगे। जब वे 12वीं की पढ़ाई करके निकलेंगे तो उनके पास कोई न कोई हुनर भी होगा।
अवध के इन जिलों में बनेंगे विद्यालय
लखनऊ, सीतापुर, गोंडा, रायबरेली, बाराबंकी, अंबेडकरनगर।
ड्रॉप आउट दर में आएगी कमी
एक ही कैंपस में प्री नर्सरी से 12वीं तक की पढ़ाई का एक लक्ष्य प्रदेश में ड्रॉप आउट दर में कमी लाना भी है। शासन का मानना है कि यहां पर प्री नर्सरी में प्रवेश लाने वाला बच्चा 12वीं की पढ़ाई पूरी करके निकलेगा।