प्रदेश में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की परीक्षाओं पर एक-दो दिन में फैसला हो जाएगा। राज्य सरकार यह निर्णय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की संशोधित गाइडलाइन के आधार पर करेगी। जबकि पहले से जारी गाइडलाइन में यूजीसी ने विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में अंतिम वर्ष की परीक्षाएं अनिवार्य रूप से कराने का निर्देश दिया था।
जबकि यूपी की विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं को लेकर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय समिति ने परीक्षाएं नहीं कराने और छात्रों को औसत अंक देकर प्रोन्नत करने की संस्तुति की थी। हालांकि इस रिपोर्ट के बाद उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने स्पष्ट किया था कि यूजीसी की गाइडलाइन आने के बाद निर्णय किया जाएगा।