पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस से जोड़ने के लिए नए लिंक एक्सप्रेसवे को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। लगभग 50 किलोमीटर (49.96 किमी) लंबे छह लेन के इस एक्सप्रेसवे को बाद में आठ लेन किया जा सकेगा। इस बनाने में 4776 करोड़ का खर्च अनुमानित है। मंत्रिपरिषद का यह निर्णय प्रदेश में एक्सप्रेस-वे का ग्रिड विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि नया लिंक एक्सप्रेसवे आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे के भलिया ग्राम ( चैनेज 294 + 230 ) से शुरू होगा, जो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पहांसा ग्राम ( चैनेज 6 +350 ) तक जाएगा। नए लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के जुड़ते ही लखनऊ- प्रयागराज नेशनल हाइवे और लखनऊ-कानपुर हाइवे भी आपस में जुड़ जाएंगे। इससे आगरा, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गाजीपुर का आवागमन सुगम हो जाएगा। लखनऊ व कानपुर जैसे शहरों को जाम और नो इंट्री जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी।
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश माल एवं सेवाकर (संशोधन) अध्यादेश का अनुमोदन कर दिया। इसी के साथ केंद्र द्वारा जीएसटी में किए गए कई संशोधनों को यूपी में भी लागू कर दिया गया। इसके तहत व्यापारी को अपील करने के लिए पहले राशि का 25 फीसदी जमा करने की बाध्यता थी। इसे घटाकर 10 फीसदी कर दिया है।
इस संबंध में राज्य कर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि जीएसटी काउंसिल द्वारा जीएसटी व्यवस्था के सरलीकरण और करदाताओं को सुविधा देने के लिए समय-समय पर जीएसटी अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित किए जाते हैं। केन्द्र सरकार द्वारा पारित इन संशोधनों के क्रम में राज्य सरकार द्वारा भी उप्र माल और सेवाकर अधिनियम में संशोधन किए जाते हैं। वित्त अधिनियम 2025 के द्वारा उप्र माल और सेवाकर अधिनियम में किए गए संशोधनों के क्रम में उप्र माल और सेवाकर अधिनियम में संशोधन किया गया है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए महिलाओं को कुछ शर्तों के साथ खतरनाक श्रेणी के सभी 29 कारखानों में काम करने की अनुमति दे दी गई है। श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि अब तक देश में 29 प्रकार के खतरनाक कारखानों में महिलाओं का कार्य करना प्रतिबंधित था। पिछले वर्ष दिसंबर में 12 प्रकार के कम खतरनाक कारखानों में पहले ही काम की अनुमति मिल गई थी। ताजा निर्णय में उन्हें सभी कारखानों में काम की मंजूरी का प्रस्ताव कैबिनेट ने मंजूर कर लिया।
कैबिनेट ने अयोध्या एवं समीपवर्ती संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत एनएसजी हब की स्थापना के लिए 8 एकड़ भूमि 99 वर्षीय लीज पर गृह मंत्रालयके पक्ष में निःशुल्क आवंटित और अंतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। अयोध्या में एनएसजी हब की स्थापना के लिए छावनी गौरा बारिक ‘कैंटोनमेंट क्षेत्र अयोध्या’ परगना हवेली अवध, तहसील सदर की भूमि दी है। इस बाबत अयोध्या के डीएम द्वारा अनुरोध किया गया था, जिसके बाद गृह विभाग से राय लेने के बाद वित्त विभाग ने प्रावधानों को शिथिल किया है। हालांकि यह हस्तांतरण अपवाद स्वरूप होगा। इसे भविष्य में दृष्टांत नहीं माना जाएगा।
मंत्रि परिषद की बैठक में गौतमबुद्ध नगर, फर्रूखाबाद, शाहजहांपुर, नोएडा और हाथरस में 21 हजार 252 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। जल्द ही सभी कम्पनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किया जाएगा। औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में ही अवाडा इलेक्ट्रो प्राइवेट लिमिटेड को ग्रेटर नोएडा में 202350 वर्ग मीटर भूखंड के आवंटन पर 252.92 करोड़ की फ्रन्ट एण्ड लैंड सब्सिडी प्रोत्साहन राशि के रूप में देने का निर्णय लिया गया। प्रमुख सचिव एमएसएमई, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने बताया कि इसी के साथ यूपी सौर ऊर्जा में निवेश का बड़ा गढ़ बनेगा क्योंकि 19 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश सौर ऊर्जा क्षेत्र में किया गया है।
उप्र होमगार्ड्स संगठन में पूर्व व्यवस्था के अनुसार मंडलीय कमांडेंट से उप महासमादेष्टा के पद पर पदोन्नति में सेवा अवधि को लेकर उत्पन्न गतिरोध को खत्म करने के लिए कैबिनेट ने होमगार्ड्स सेवा (सप्तम संशोधन) नियमावली 2025 को मंजूरी प्रदान कर दी है।
कैबिनेट के फैसले से मंडलीय कमांडेंट ग्रेड-1 से मंडलीय कमांडेंट ग्रेड-2 के पद पर पदोन्नति की जो अर्हता पूर्व में 5 वर्ष निर्धारित थी, उसे अब 2 वर्ष की सेवा के साथ कुल 13 वर्ष की सेवा, जो जिला कमांडेंट और मंडलीय कमांडेंट ग्रेड-1 के रूप में की गई हो, कर दिया गया है। इसी तरह मंडलीय कमांडेंट ग्रेड-2 से उप महासमादेष्टा के पद पर पदोन्नति की अर्हता भी पूर्व में 5 वर्ष निर्धारित थी, जिसे अब घटाकर मंडलीय कमांडेंट ग्रेड-2 पर एक वर्ष की सेवा के साथ कुल 18 वर्ष की सेवावधि जो जिला कमांडेंट, मंडलीय कमांडेंट ग्रेड-1 व मंडलीय कमांडेंट ग्रेड-2 के पद पर की गयी हो, कर दिया गया है।
इसी तरह उप महासमादेष्टा से संयुक्त महासमादेष्टा के पद पर पदोन्नति की अर्हता पूर्व में 2 वर्ष निर्धारित थी, जिसे घटाकर उप महासमादेष्टा की 1 वर्ष की सेवा के साथ 20 वर्ष की कुल सेवा जो जिला कमांडेंट से उप महासमादेष्टा के पद पर की गयी हो, नियत कर दी गयी है।
बता दें कि मंडलीय कमांडेंट ग्रेड-2 से उप महासमादेष्टा के पद पर पदोन्नति में गतिरोध की वजह से वर्तमान में उप महासमादेष्टा के 4 पद रिक्त चल रहे थे तथा फील्ड में मात्र एक अधिकारी शेष था। इससे शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे थे।
कैबिनेट बैठक में गौतमबुद्धनगर, फर्रूखाबाद, शाहजहांपुर, नोएडा और हाथरस में 21252 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। जल्द ही सभी कंपनियों को लेटर ऑफ कंफर्ट जारी किया जाएगा। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि कैबिनेट बैठक में अवाडा इलेक्ट्रो प्राइवेट लिमिटेड को ग्रेटर नोएडा में 202350 वर्ग मीटर भूखंड के आवंटन पर 252.92 करोड़ की फ्रंट एंड लैंड सब्सिडी प्रोत्साहन राशि के रूप में देने का निर्णय लिया गया है।
प्रमुख सचिव एमएसएमई, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने बताया कि यूपी सौर ऊर्जा में निवेश का बड़ा गढ़ बनेगा। 19 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश सौर ऊर्जा क्षेत्र में किया गया है। उन्होंने बताया कि औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत वृहद श्रेणी में 50-200 करोड़, मेगा श्रेणी में 200-500 करोड़, सुपर मेगा श्रेणी में 500-3000 करोड़ व अल्ट्रा मेगा श्रेणी में 3000 करोड़ से अधिक की लागत वाली औद्योगिक इकाइयों को विभिन्न प्रोत्साहन कैपिटल सब्सिडी, भूमि लागत पर सब्सिडी, नेट एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति, प्लांट और मशीनरी पर लिए ऋण पर ब्याज की प्रतिपूर्ति, स्टांप शुल्क में छूट, इलेक्ट्रिसिटी में छूट, औद्योगिक अनुसंधान के ऋण पर ब्याज की प्रतिपूर्ति आदि प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि नोएडा एवं हाथरस में अवाडा इलेक्ट्रो प्राइवेट लिमिटेड के 11399 करोड़, गौतमबुद्धनगर में सेल सोलर पी6 प्राइवेट लिमिटेड के 8000 करोड़, यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड के 736 करोड़, शाहजहांपुर में मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेंट के 717 करोड़, फर्रुखाबाद में मेसर्स आईडीबीबी रिसाइक्लिंग आपरेशंस के 460 करोड़ के प्रस्तावों पर मंजूरी दी गई। जल्द ही इन कंपनियों को लेटर ऑफ कंफर्ट जारी किया जाएगा। कैबिनेट ने त्वरित प्रोत्साहन नीति-2020 के तहत अमेठी में सीमेंट प्लांट को भी मंजूरी दी है। कंपनी अमेठी में 44.5 एकड़ निजी भूमि पर 170 करोड़ का निवेश करेगी। कंपनी को 12.19 करोड़ रुपये नेट जीएसटी और विद्युत शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में दिए जाएंगे।